सपना चौधरी को सपना दिखाकर दर्शकों को बेरंग लौटाने वाली संस्था को किया जाएगा ब्लैकलिस्ट

नई दिल्ली। सपना चौधरी का सपना दिखाकर दर्शकों को बेरंग लौटाने वाली संस्था को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। डीएम ने ऐसी अन्य संस्थाओं को भी ब्लैकलिस्ट करने का निर्देश दिया है। सभी मजिस्ट्रेटों, थानों पर ऐसी संस्थाओं की सूची भेजी जाएगी ताकि भविष्य में ये कोई आयोजन न करा सकें। एक दिन पहले (रविवार) आशियाना के स्मृति उपवन में प्रसिद्ध हरियाणवी गायिका और नृत्यांगना सपना चौधरी का शो रखा गया था। हजारों की संख्या में दर्शक शाम चार बजे ही आयोजन स्थल पर पहुंच गए थे। रात 10 बजे तक सपना चौधरी मंच पर नहीं आईं। आखिरकार दर्शकों के सब्र का प्याला भर गया और हंगामा शुरू हो गया।

संस्थाओं की वजह से लोगों को नुकसान होता है

बता दें कि डीएम कौशल राज शर्मा ने बताया कि संस्था के खिलाफ और भी कई शिकायतें आई हैं। ऐसे में सभी मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया गया है कि ऐसी सभी संस्थाओं को चिह्नित किया जाए जो बड़े कलाकारों के कार्यक्रम कराने का दावा करती हैं। टिकट बिक जाने के बाद ऐन मौके पर दूसरे कलाकारों को पेश कर देती हैं। कुछ संस्थाएं ऐसी भी हैं जो कि बड़े कलाकारों का नाम लेकर अपनी ‘ब्रांडिंग’ करती हैं। बाद में कार्यक्रम निरस्त कर देती हैं। ऐसे में इन संस्थाओं की वजह से लोगों को नुकसान होता है।

कई लोगों ने इसकी भी शिकायत जिला प्रशासन से की

वहीं डीएम ने निर्देश दिया है कि सपना चौधरी का शो कराने का दावा करने वाली संस्था ने प्रत्येक दर्शक को टिकट के पैसे वापस नहीं किए तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इस संबंध में भी एएसपी और एडीएम को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। तीन बार टिकट बेचने के बाद निरस्त किया आतिफ असलम का कार्यक्रम इसके पूर्व सुप्रसिद्ध गायक आतिफ असलम के नाम पर भी तीन बार टिकट बेचे जा चुके हैं। दो महीने पहले से टिकट की बुकिंग शुरू कराने के बाद आखिरी मौके पर कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया। इससे भी दर्शक निराश हुए। कई लोगों ने इसकी भी शिकायत जिला प्रशासन से की है।

डीएम ने बताया कि कलेक्ट्रेट स्थित एडीएम सिटी पूर्व को नोडल अधिकारी बनाया गया

वहीं अगर आपको किसी संस्था से शिकायत है जो कि बड़े कलाकारों के नाम टिकट बुक करा चुकी है और अतिथि नहीं आया तो इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। डीएम ने बताया कि कलेक्ट्रेट स्थित एडीएम सिटी पूर्व को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनके दफ्तर में लिखित रूप में शिकायत करें ताकि भविष्य में उस संस्था को कोई और आयोजन की अनुमति न दी जाए।