बाबा को “संजू” ने एक नई पहचान दी है

बाबा को “संजू” ने एक नई पहचान दी है

ये कहानी है खलनायक से इंसान बनने की, ये कहानी है नशेड़ी से दिलेरी की ओर जाने की, ये कहानी है जेल से बाहर आने की। ये कहानी है हम सबके बाबा की।

कला को इस रुप से दिखाया गया है जिस रूप में आप देखना पसंद करते हैं। कलाकार भी उम्दा है। परेश रावल, विकी कौशल और अंत में उसका नाम लिख रहा हूं जिसने इस फिल्म को किरदारों से ऊपर पहुंचा दिया है, नाम #रणबीरकपूर । बात अगर निर्देशन की करें तो मेरे हिसाब से राजकुमार हिरानी ने कमाल कर दिया है। #कमाल।

कुछ तो लोग कहेंगे

यही वह किताब है जो बाबा पर लिखी गई। फिल्म के आखिरी में। लेकिन शुरुआत तो इस किताब को लेकर ही हुई थी, और आखिरकार अनुष्का ने लिख दिया। ऐसा चित्रण किया है कि फिल्म में लगभग 10 बार आपकी आंख लाल जरूर हो जाएंगे। आप महसूस करिएगा, अगर किसी व्यक्ति के साथ ऐसी घटना हो जाए तो उसका जीवन कैसा होता है? और बड़ा ही अद्भुत नाम रखा गया की , कुछ तो लोग कहेंगे। वाकई लोग कह रहे हैं।

तुम तो बैड च्वाइस के किंग हो

यह लाइन बाबा के जीवन का एक ऐसा पहलू है जो आप इस फिल्म में महसूस करेंगे, बाबा मन के माफिक है, वह शख्सियत जो जीवन के सारे उतार-चढ़ाव से वाकिफ तो हुआ लेकिन एक उम्र के बाद। बाबा सच में वन मैन मेनी लाइवस के हकदार हैं। इस फिल्म के कारण बाबा की फैन फॉलोइंग 2करोड़ बढ़ जाएगी।

डैड सोचते हैं वह बोतल तोड़ देंगे तो हम पीना छोड़ देंगे

यह लाइन जब बाबा बोलते हैं तो उनके चेहरे पर तलब दिखाई देती है। इंग्लिश में बता देते हैं Desire. और उसके बाद बाबा का जीवन शराब की बोतल में और कोकिन के पुडिया में चला जाता है। बाबा झुलस जाते हैं, बेफिक्र होकर पीते हैं, और अपने जीवन का वो काल लगभग नष्ट कर देते हैं। बाबा फिर वापस भी होते हैं और वह भी दमदार तरीके से।

मेरा बेटा कोई गुजरा हुआ वक्त नहीं है कि लौट कर वापस नहीं आ सकता

परेश रावल की ये लाइन बाप की उस दृढ़ इच्छाशक्ति को दिखाता है, की बाप कैसे अपने बेटे पर विश्वास करता है। उस विश्वास पर कैसे बाबा खड़े उतरते हैं, बाबा की कहानी सचमुच लाजवाब है। वैसे बाबा भी लाजवाब है। फिल्म में कई ऐसे पहलू है जो आपके दिल में छेद कर देंगे। यह कहानी खलनायक से इंसान बनने की है, यह कहानी नशेड़ी से दिलेर बनने की है। यह कहानी बाबा की है।

अगर कोई पेशेंट कैजुअल्टी में हो तो फॉर्म भरना जरूरी है क्या?

बाबा की ये लाइन मुन्ना भाई MBBS की है, बाबा जब यह बोलते हैं तो आप दांत चियार देंगे, यानी हंस देंगे। ईस फिल्म को ऐसे दर्शाया गया है जिसमें हर चीज है, बाबा का वह पहलू जिसमें बाबा सबको हंसाते हैं। इस फिल्म का कुछ अंश यह भी दिखाता है कि बाबा कितने रंगीन है।बाबा की हर चीज इस फिल्म मे उजागर किया गया है। बाबा भगवान बुद्ध की तरह हमेशा हंसते हैं और हंसाते भी हैं।

सुनील दत्त बनना जरूरी नहीं है इट्स ओके टू बी संजय दत्त

यह लाइन जब विक्की कौशल बोलता है तो अभिषेक बच्चन की याद आ जाती है। अभिषेक बच्चन भी अपने बाप के लेजेंड होने का फल भुगत रहा है। वैसे इस लाइन में भी काफी भावना है, आप इससे खुद जुड़ जायेंगे और आपको एक संदेश मिलेगा की आप, आप हैं। कोई और बनने की कोशिश मत कीजिए। क्योंकि आप खास भी हैं।

मिला जुला कर यह फिल्म बाबा के हर पहलू का मिश्रण है जो आप को उनके जीवन से रूबरू कराएगा , और यह बताएगा की कहानी सबकी होती है, किसी की आ जाती है , किसी की आने वाली होती है, और शायद कोई कहानी बनाता ही रह जाता है।