सलमान को मिली मुसलमान होने की सजा-उठ रहे हैं सवाल

नई दिल्ली। काला हिरण के शिकार मामले में सलमान को पांच साल की सजा मिली और उन्हें काला हिरण शिकार करने के लिए दोषी करार दे दिया गया इसी के साथ काला हिरण शिकार मामलें में जोधपुर की निचली अदालत से पांच आरोपियों को बरी कराक दे दिया गया ,जबकि सलमान खान को 5 साल की सजा समेत 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बता दे कि जज की ओर से फैसले में लिखा गया कि सलमान खान ने दो काले हिरण का शिकार किया था इसलिए उन्हें दोषी करार दिया गया कोर्ट ने कहा कि सलमान खान एक अभिनेता हैं और ऐसा व्यक्ति अगर संरक्षित काले हिरणों का शिकार करेगा तो और लोग भी इस दिशा में प्रेरित हो सकते हैं।

बता दे कि कोर्ट की ओर से कहा गया कि वन्यजीवों को मारने की घटना दिनो दिन बढ़ती ही जा रही हैं। इसलिए सलमान तो दोषी हैं और उन्हें कठोर सजा मिलनी चाहिए। पर कोर्ट के इस फैसले पर कई लोगों ने सवाल खड़े कर दिए और लोग इसे धर्म से जोड़कर भी देख रहे हैं। इसी के साथ पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने इस मामलें में कहा कि सलमान मुसलमान हैं इसलिए उन्हें सजा मिली हैं। इसी के साथ कुछ और सवालों को जो सलमान के फैसले पर खड़े हो रहे हैं हम आपके लिए लेकर आए हैं।

सलमान को मिली अभिनेता होने की सजा
तो वहीं एक सवाल यें उठ रहा हैं कि क्या सलमान खान को काला हिरण मामलें में सजा इसलिए मिली कि वो एक अभिनेता हैं यें भी एक सवाल सलमान के फैसले पर खड़ा हो रहा हैं इस फैसले पर सलमान के वकील का कहना हैं कि सलमान खान एक फिल्म अभिनेता हैं और इसी वजह से उन्हें दंडित नहीं किया जाना चाहिए। कोर्ट का काम मिसाल पेश करने के लिए सजा देने का नहीं है। अभिनेता होने का दंड सलमान खान को नहीं मिलना चाहिए।

बता दे कि इस फैसले में सैफ अली खान, तब्बू, नीलम और सोनाली बेंद्रे को कोर्ट की ओर से बरी कर दिया गया हैं बता दे कि इस मामलें में अभियोजन पक्ष का कहना हैं कि वो दोष साबित नहीं कर पाया है। गवाहों के बयान से भी यह साबित नहीं होता है कि इन लोगों ने शिकार करने के लिए सलमान खान को उकसाया था। इसलिए उन्हें कोर्ट की ओर से बरी कर दिया गया हैं।

समान तर्क हो लागू

बता दे कि रात करीब 2:00 बजे जोधपुर से 30 किलोमीटर दूर कांकाणी गांव के गुरु जंभेश्वर नगर के ढाणी में सलमान खान की ओर से दो काले हिरण का शिकार किया गया था जहां सलमान खान के साथ सभी यें सितारें मौजूद थे तो सवाल यें उठ रहा हैं कि उस रात को यें सभी सितारें सलमान के साथ वहां क्या कर रहे थे। बता दे कि फैसले में कहा गया कि इन सभी सितारों की वजह से कई परिवारों के घर चलते हैं तो अगर ऐसे में उन्हें सजा मिलती हैं तो उन परिवारों का क्या होगा जिनका घर यहीं से चलता हैं जो फिल्मी दुनिया से जुड़े हैं। तो इस तर्क पर सलमान के वकील का कहना था कि इसी तर्क को सलमान के ऊपर यानि कि उनके मुवक्किल पर भी लागू होना चाहिए उन्हें इतनी कठोर सजा क्यो मिल रही हैं।

दुष्यंत सिंह की रिहाई पर उठे सवाल

सलमान खान द्रारा किये गए दो कालें हिरण को लेकर सवाल अब दुष्यंत सिंह की रिहाई पर उठने लगे हैं क्योकि वहीं सलमान को उस गांव में ले गया था जहां सलमान खान ने दो काले हिरण का शिकार किया था। क्योकि सलमान दो मुंबई से आए थे और उन्हें नहीं पता था कि उस गांव में काला हिऱण हैं दुष्यंत सिंह नाम का व्यक्ति जो सभी लोगों को हिरण के शिकार के लिए कांकाणी गांव लेकर गया था, उसे भी छोड़ दिया गया है सवाल अब यें उठ रहा हैं कि सलमान खान को कैसे पता था कि गांव में हिरण है अगर वहां के किसी व्यक्ति ने नहीं बताया तो कैसे यें बात सलमान तक पहुंची।

आर्म्स एक्ट में बरी फिर शिकार कैसे

सलमान खान ने जिन दो काले हिरण का शिकार किया हैं उसमें इस्तेमाल होने वाले हथियार से तो सलमान पहले ही बरी हो चुके हैं फिर सवाल यें उठ रहा हैं कि सलमान ने आखिर किस चीज से शिकार किया हैं क्योकि आर्म्स एक्ट के तहत चार्ज फ्रेम होने की वजह से ही 18 साल बाद इस केस में सुनवाई शुरू हो पाई थी, जिन हथियारों से सलमान खान ने दो काले हिरणों का शिकार किया। उसी में अगर वह आर्म्स एक्ट में बरी हो गए हैं तो फिर शिकार सलमान खान ने किस चीज से किया है।

आर्म्स एक्ट में बरी होने के इस फैसले में जिक्र नहीं किया गया है। इसी ग्राउंड पर जोधपुर हाईकोर्ट ने सलमान खान को घोड़ा फार्म मथानिया में दो चिंकारा शिकार के मामले में बरी कर दिया था। निचली अदालत ने उस मामले में भी सलमान खान को छोड़कर बाकी सभी आरोपियों को बरी कर दिया था।

हाईकोर्ट ने पूछा था कि जब बाकी सब आरोपी बरी हो गए तो क्या सलमान खान खुद ही गाड़ी चला रहे थे। खुद ही बंदूक चला रहे थे और मुंबई से आकर खुद ही रास्ता खोजते हुए घोड़ा फार्म मथानिया पहुंच गए थे। अब इस मामले में भी यही सवाल उठ सकते हैं।
बता दे कि इसी के साथ सवाल उठ रहा हैं कि सलमान को उनके मुसलमान होने की सजा मिली हैं बता दे कि इस बात को पाक के विदेश मंत्री की ओऱ से उठाया गया हैं।