समाज को बचाने लिए तैयार आरएसएस
समाज को बचाने लिए तैयार आरएसएस

लखनऊ। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से समाज को बचाने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने पूरी तैयारी कर ली है। संघ ने करीब 30 लाख लोगों को कोरोना से बचाव को लेकर प्रशिक्षण और सामाजिक चेतना के विकास के लक्ष्य पर कार्य कर रहा है। यह बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के प्रचार प्रमुख नरेन्द्र सिंह ने कही। वह गुरुवार को सरस्वती कुंज निरालानगर स्थित प्रो. राजेन्द्र सिंह रज्जू भैया सूचना संवाद केन्द्र में कहीं।

संघ सेवा कार्य करता है लेकिन प्रदर्शन नहीं
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) सेवा कार्य करता है लेकिन प्रदर्शन से दूर रहता है। पूरे देश में हमारे लाखों कार्यकर्ताओं ने कोरोना की इस महामारी में बिना अपनी जान की परवाह किये हुए जनसेवा की है। लोगों को भोजन पहुंचाया है, बुजुर्ग दम्पतियों तक दवाएं पहुंचाई और उनकी सहायता में तत्पर रहे हैं।

नरेन्द्र सिंह ने कहा कि संघ केवल व्यक्ति निर्माण करता है, उनको नई दिशा प्रदान करता है। समाज में जहां जैसी जरूरत पड़ती है, वहां पर अपना सहज दायित्व समझकर संघ समाज में योगदान देता है। कोराना काल में सेवा भारती और विद्या भारती ने बहुत ही सेवा कार्य किया, लेकिन वह प्रचार-प्रसार नहीं करता। स्वयंसेवक अकेले नहीं करता, अपितु वह समाज के सज्जन लोगों के साथ मिलकर सेवा का कार्य करता है।

बच्चों की इम्युनिटी पर रखें विशेष ध्यान
मुख्य वक्ता बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शालिनी भसीन ने कहा कि बच्चों में अच्छी इम्युनिटी होती है इसलिए उन्हें गंभीर संक्रमण का खतरा कम है। लेकिन हमें सावधानियां बरतनी होंगी और बच्चों की इम्युनिटी पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि नवजात शिशुओं को माताएं स्तनपान कराएं और बड़े बच्चों को पोषक तत्त्वों से परिपूर्ण भोजन दें, ताकि उनकी इम्युनिटी बढ़ सके।
डॉ. शालिनी भसीन ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों की दिनचर्या पर विशेष ध्यान दें, उन्हें योग-व्यायाम और खेलकूद के लिए प्रेरित करें। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सेनेटाइजेशन का ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि यदि किसी में संक्रमण के लक्षण दिखते हैं तो उसे खुद को आइसोलेट कर लेना चाहिए।

कार्यक्रम अध्यक्ष सरस्वती बालिका विद्या मंदिर, जानकीपुरम की प्रधानाचार्य सुधा तिवारी ने कहा कि काफी समय से स्कूल बंद चल रहे हैं, जिस वजह से बच्चों की दिनचर्या भी अव्यवस्थित हो गई है। इस समय माताओं की जिम्मेदारी और बढ़ गई है कि वह अपने बच्चों घर में भी स्कूल जैसा अनुशासन और वातावरण बनाएं। कार्यक्रम का संचालन सौरभ मिश्रा ने किया।

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