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राजस्थान में खेतों में पड़ी सड़ रही सब्जियां, लॉकडाउन के कारण मंडियों तक नहीं पहुंच पा रही

राजस्थान 1 राजस्थान में खेतों में पड़ी सड़ रही सब्जियां, लॉकडाउन के कारण मंडियों तक नहीं पहुंच पा रही

देशभर में कोरोना वायरस  की वजह से लागू लॉकडाउन के कारण हर कोई घर में बंद है। जिसकी वजह से सभी समारोह और शादियां बंद है।

जयपुर: देशभर में कोरोना वायरस  की वजह से लागू लॉकडाउन के कारण हर कोई घर में बंद है। जिसकी वजह से सभी समारोह और शादियां बंद है। कोरोना से हर चीज पर फर्क पड़ रहा है। हर चीज प्रभावित हो रही है। लेकिन सबसे ज्यादा मार इसकी मार सब्जी उगाने वाले किसानों पर पड़ रही है। लॉकडाउन के कारण और शहरों की सीमाएं सील होने के चलते सब्जियां मंडियों तक पहुंच नहीं पा रही है। ऐसे में स्थानीय मंडियों में कुछ हद तक सब्जियों बिक पाई, बाकी सब्जियां खेतों में सड़ रही हैं।

बता दें कि कुछ ऐसा ही हाल टोंक जिले का है। यहां उनियारा, देवली, टोडारायसिंह और पीपलू उपखंड क्षेत्र के हरिपुरा बांध, सहोदरा बांध, दौलतसागर बांध, साहेला मॉडल तालाब सहित नाडियों में हजारों बीघा भूमि पर पेटाकाश्त करने वाले सभी किसानों का यही हाल हुआ हैं। बेहाल किसान सरकार से उम्मीद लगाए बैठे हैं।

वहीं क्षेत्र में इन बांधों में गर्मी के मौसम में मुंह में मिठास घोलने वाले खरबूजे, तरबूजें की फसलों में किसानों को काफी नुकसान पहुंचा हैं। कोरोना के चलते प्रदेश की मंडियों तक जैसे-तैसे सब्जियां लेकर पहुंच रहे किसानों को उनकी सब्जियां औने-पौने दामों में बेचनी पड़ रही हैं।

https://www.bharatkhabar.com/war-on-twitter-against-cm-gehlot-over-gang-rape-of-malpur-minor-in-tonk-district-of-rajasthan/

वहीं, उपखंड क्षेत्र के हरिपुरा बांध, माशी बांध, दौलतसागर बांध, सहोदरा बांध, सोहेला मॉडल तालाब के 1000 से अधिक बीघा में सैकड़ों किसानों ने पेटा काश्त कर रखी हैं। पेटाकास्तकार रामदेव कीर, बद्रीलाल, सीताराम, सत्यनारायण, मांगीलाल, राजाराम ने बताया कि, कोरोना के चलते सब्जियां मंडी तक नहीं पहुंच पाई हैं।

किसानों ने यहां पर ककड़ी, खीरा ककड़ी, टिंडें, तरबूजें, खरबूजें की खेती की हैं। किसानों ने बताया कि, लाखों रुपए खर्च कर सब्जियों का उत्पादन किया हैं। लेकिन बिकने तथा सही भाव नहीं मिलने से उनके सामने कर्जदार होने का संकट उत्पन्न हो गया है।

किसानों ने बताया कि, किराए पर ली गई जमीनों के मालिकों ने रुपए मांगने शुरु कर दिए हैं, साथ ही, खाद-बीज वाले भी बकाया मांग रहे हैं। लेकिन उनको अदा करने के लिए फूटी कोडी तक की कमाई नहीं हुई हैं। किसानों ने राज्य व केंद्र सरकार से मुआवज देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि, राज्य व केंद्र सरकार उन्हें मुआवजा दें, क्योंकि वह तो कंगाल हो गए हैं।

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