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नरसिंह के रियो उम्मीद पर गुरुवार को नाडा देगा अहम फैसला

nar singh नरसिंह के रियो उम्मीद पर गुरुवार को नाडा देगा अहम फैसला

नई दिल्ली। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने डोपिंग के दोषी पाए गए भारतीय पहलवान नरसिंह यादव के मामले की सुनवाई गुरुवार तक टाल दी है। बुधवार को नई घटनाओं से नरसिंह डोपिंग मामले में आए नए मोड़ को देखते हुए नाडा ने सुनवाई के दौरान कोई फैसला नहीं सुनाया। तीन घंटे तक चली सुनवाई में नरसिंह के वकील ने दलील दिया कि खिलाड़ी हालात का पीड़ित है। उन्होंने साथ ही नरसिंह पर रियो ओलम्पिक-2016 में जाने पर प्रतिबंध न लगाने की अपील भी की है।

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नरसिंह के अगले महीने से शुरू होने वाले रियो ओलम्पिक-2016 में जाने पर तब से काले बादल मंडरा रहे हैं जब से उनका डोप परीक्षण का परिणाम सकारात्मक पाया गया है। नरसिंह के डोप टेस्ट में फेल होने के बाद उन पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया है। नरसिंह को बुधवार को तब और बड़ा झटका लगा जब पांच जुलाई को एकत्रित उनके दूसरे नमूने का डोप टेस्ट भी सकारात्मक आया। इसी बीच ‘युनाइटेड विश्व रेसलिंग’ के दबाव में भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने मंगलवार को प्रावीण राणा को रियो में नरसिंह का प्रतिस्थापन खिलाड़ी घोषित कर दिया, ताकि ओलम्पिक की 74 किलोग्राम भारवर्ग में भारत का कोटा बचा रहे।

डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण सिंह ने बुधवार को कहा कि राणा का नाम 25 जुलाई को भेजा जा चुका था जो प्रतिस्थापन खिलाड़ी का नाम भेजने की अंतिम तारीख थी। ब्रजभूषण ने आईएएनएस को बताया, “हालांकि नरसिंह की जगह प्रवीण राणा के नाम की घोषणा की गई है, लेकिन अगर वह निर्दोष साबित होते हैं तो मैं ओलम्पिक कोटा सुनिश्चित करने के लिए एक और लड़ाई लड़ने को तैयार हूं।” उन्होंने कहा, “राणा का नाम ओलम्पिक कोटा बचाए रखने के लिए भेजा गया था, जिसे 26 जुलाई को मंजूर कर लिया गया है। अगर हम राणा का नाम नहीं भेजते तो हम ओलम्पिक कोटा खो देते।”

उन्होंने साथ ही कहा कि नरसिंह के रियो जाने की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा, “उनका रियो जाने का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। अब यह नरसिंह पर है कि वह अपने आप को निर्दोष साबित कर पाते हैं या नहीं। अगर वह ऐसा कर पाते हैं तो वह ओलम्पिक जाएंगे।” ब्रजभूषण ने केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री विजय गोयल (स्वतंत्र प्रभार) के उस दावे को खारिज किया है कि अगर कोई खिलाड़ी डोपिंग रोधी समिति द्वारा निलंबित कर दिया जाता है तो उसका प्रतिस्थापन नहीं भेजा जा सकता। गोयल ने सांसद में पत्रकारों से कहा था, “मैं नहीं समझता अगर खिलाड़ी डोप टेस्ट में फेल हो जाता है तो उसका प्रतिस्थापन भेजा जा सकता है।”

गोयल ने कहा, “अगर खिलाड़ी काफी बीमार है तो ऐसे हालात में संबंधित एजेंसी स्थानापन्न खिलाड़ी भेज सकती हैं।” मंत्री के बयान पर ब्रज भूषण ने कहा, “मंत्री नियमों से अनजान हैं। वह जानकारी के अभाव में ऐसा कह रहे हैं। राणा का नाम पहले ही मंजूर कर लिया गया है।” डोप टेस्ट में फेल होने के बाद नरसिंह ने कहा था कि उनके खिलाफ साजिश की गई है और उन्होंने इस संबंध में पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज करा दी है। हालांकि वह साजिश में शामिल व्यक्ति का नाम लेने से बचते दिखे। पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद नरसिंह ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “मैंने हमेशा कहा है कि मेरे खिलाफ साजिश की गई है। अगर मैं निर्दोष साबित हुआ तो मैं रियो जाऊंगा। मैंने उस शख्स की पहचान कर ली है जिसने मेरे खाने में मिलावट की। मैंने पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है।”

उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि इसमें कुछ अधिकारी भी शामिल हैं क्योंकि मुझे सीसीटीवी की फुटेज भी नहीं दी जा रही है।” ब्रजभूषण ने नरसिंह के आरोपों का समर्थन किया है और कहा है कि खिलाड़ी को ओलम्पिक में हिस्सा न लेने के उद्देश्य से साजिश की गई है और इसका खुलासा होना चाहिए ताकि आने वाले समय में ऐसा न हो। उन्होंने कहा, “सोनीपत स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के बाबर्ची ने नरसिंह के खाने में मिलावट करने वाले की पहचान कर ली है और उसका नाम जितेश बताया है। दो अन्य लोगों की भी पहचान की गई है।”

ब्रजभूषण ने कहा कि दोनों जूनियर पहलवानों में से एक ने नरसिंह के खाने में मिलावट की बात भी स्वीकार कर ली है। उत्तर प्रदेश के गोंडा से सांसद ब्रजभूषण ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा, “इस मामले की सीबीआई जांच की जानी चाहिए क्योंकि यह युवा देश के भविष्य का मामला है।” वाराणसी के नजदीक नरिसंह के पैतृक गांव अजगरा में बुधवार को हजारों लोगों ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांगे को लेकर प्रदर्शन किया।

नरिसंह के पिता पंचम यादव और मां भूलना देवी ने कहा है कि उनका बेटा निर्दोष है। उन्होंने कहा कि नरसिंह चाय तक नहीं पिता स्टेरॉयड की बात बहुत दूर की है। नरसिंह के परिवार ने कहा है कि अगर उनके बेटे को न्याय नहीं मिला तो वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वाराणसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेंगे। इस बीच रियो ओलम्पिक के लिए नरसिंह के स्थानापन्न खिलाड़ी राणा जॉर्जिया के लिए रवाना हो चुके हैं जहां वह भारतीय कुश्ती टीम के साथ अभ्यास करेंगे।

 

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