UP: कानून बनने के बाद भी धर्मांतरण की बौछार, बेबसी को बना रहे हथियार
फोटो- सोशल मीडिया

 

लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ ने जबरन धर्म परिवर्तन के बढ़ते मामलों को देख एक नया कानून बनाया था। जिससे धर्मांतरण के मामलों में कमी आएगी और लोगों के जहन में कानून का खौफ बना रहेगा। हालांकि, बावजूद इसके धर्मांतरण की घटनाएं सामने आ रही हैं।

सोमवार को यूपी एटीएएस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया, जो धर्मांतरण के कार्य में लिप्त थे। आरोपितों ने एक हजार से ज्यादा मूक-बधिर स्टूडेंट्स, महिलाओं और गरीब परिवार का धर्मांतरण कराया है। दोनों ही आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसी भले ही अपनी पीठ थपथपा रही हों, लेकिन आज भी लोगों का धर्मांतरण चोरी-छिपे या फिर उनकी इच्छा के विरुद्ध किया जा रहा है। यह कुछ घटनाएं बानगी मात्र हैं।

500 लोगों का कराया धर्मांतरण

जौनपुर जनपद में धर्मांतरण की शिकायत पर पुलिस ने एक धार्मिक स्थल से पांच पादरियों को गिरफ्तार किया था। पड़ताल में समाने आया कि आरोपित ग्रामीणों और गरीब तबके की आर्थिक मदद करने के बाद धर्मांतरण कराने का काम करते थे। इस मामले में पुलिस ने पादरी दुर्गा यादव समेत तीन नामजद और 268 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया था। असल में आरोपितों ने गांव वालों को पैसा और नौकरी का लालच देकर करीब 500 से ज्यादा लोगों का धर्म परिवर्तन कराया था। धर्मांतरण के सामूहिक मामले के बाद यूपी में धर्मांतरण के खिलाफ योगी सरकार ने एक नया कानून बनाया था।

अश्लील वीडियो बनाकर महिला का बदला धर्म

यूपी एटीएस ने सोमवार को जबरन धर्मांतरण कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। 24 घंटे बीतने के बाद बरेली में धर्म परिवर्तन का मामला समाने आ गया। यहां पहचान छिपाते हुए एक मुस्लिम युवक ने पहले युवती से दोस्ती की। फिर दुष्कर्म के बाद आरोपित ने युवती का जबरन धर्मांतरण कराया और निकाह किया। युवती का आरोप है कि युवक ने अश्लील वीडियो बनाकर उसे धर्म बदलने पर मजबूर किया था। फिर कुछ दिन बाद युवक ने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया। मंगलवार को एडीजी के आदेश पर पुलिस ने चार आरोपितों पर मुकदमा दर्ज किया है।

पैसा और राशन देकर गरीबों को बदला धर्म

कोरोना काल में जरूरतमदों को पैसा और राशन देकर धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया था। नोएडा में राशन, पैसे के बदले गरीब तबके पर ईसाईं धर्म अपनाने का दबाव डाला जा रहा था। पुलिस को मामले की सूचना मिली तो मौके पर पहुंचकर धर्म परिवर्तन करने वाले चार आरोपितों को हिरासत में ले लिया गया। उन आरोपितों में कोरिया की एक महिला भी शामिल थी। पड़ताल में पता चला कि आरोपितों ने करीब तीन दर्जन से ज्यादा लोगों का धर्म परिवर्तन कराया है।

पांच साल की है सजा

कानून के तहत इन मामलों का उल्लंघन करने पर कम से कम एक साल और अधिकतम पांच की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा कम से कम 15 हजार रूपए जुर्माने का भी प्रावधान है। एक्सपर्ट के मुताबिक, सामूहिक धर्म परिवर्तन के संबंध में आइपीसी की धारा-3 के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर तीन साल का कठोर कारावास है। यही नहीं 10 साल तक सजा बढ़ सकती है और जुर्माने के नाम पर 50 हजार रकम देनी पड़ती है। हालांकि, रिटायर्ड आइपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने एटीएस द्वारा धर्मांतरण का पर्दाफाश करने के बाद अब इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

जांच में जुटी एटीएस

यूपी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार के अनुसार, यूपी में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण का खेल चल रहा है। एटीएस ने उमर गौतम और जहांगीर आलम का गिरफ्तार किया है। आरोपित अपने गिरोह के साथ मिलकर मूक बधिर बच्‍चों, महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को टारगेट बनाते हैं। बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन के खेल को रोकने के लिए एसटीएफ और पुलिस टीम जुट चुकी हैं।

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