अयोध्या से शुरू होगी रामराज्य रथ यात्रा, 41 दिनों में छह राज्यों से होकर गुजरेगी

अयोध्या। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कराने के लिए 25 साल पहले हुई रथ यात्रा एक बार फिर शुरू हो गई है, लेकिन इस बार ये यात्रा धार्मिक उद्देश्य को पूरा करने के लिए नहीं रखी गई है बल्कि सर्वसम्मति से अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कराने के लिए की जा रही है। दरअसल श्रीरामदास मिशन यूनिवर्सल सोसाइटी के महासचिव शक्ति शांतानंद महेश ने कहा है कि राम मंदिर के लिए अदालत से लड़ाई की जरूरत नहीं है, बल्कि सभी लोगों  को मिलकर अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण करवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंगलवार को अयोध्या की पावन धरती से रामेश्वर के लिए राम राज्य रथ यात्रा निकल रही है जोकि पूरी तरह से अराजनीतिक है और इसमें हिंदू संगठन भी हमारी मदद कर रहे हैं।

रथ यात्रा को लेकर महेश ने कहा कि ये यात्रा छह राज्यों से होकर गुजरेगी और 24 मार्च को रामनवमी के दिन रामेश्वम पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि इस रथ यात्रा की शुरुआत सर्वप्रथम साल 1999 में जगद्गुरू स्वामी सत्यानंद सरस्वती जी ने की थी जोकि रामदास मिशन सोसाइटी के संस्थापक भी थे। महेश ने बताया कि ये रथ यात्रा रामनवमी के दिन महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक से ही निकलती थी लेकिन अब इसका नाम रामराज्य रथ यात्रा हो गया है जो 5 उद्देश्यों को लेकर निकल रही है। इसके जरिए हम 10 लाख लोगों से ज्यादा हस्ताक्षर लेंगे, जिसमें 10 हजार से अधिक संतों की स्वीकृति लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति को सौंपेंगे।

उनसे मांग करेंगे कि विवादित श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण करा करके रामायण को सेलेबस में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ गुरुवार को साप्ताहिक अवकाश और साल में एक दिन हिन्दू दिवस के रूप में घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के बिना रामराज्य अधूरा है। इसलिए हम सभी लोगों को पूरी तरह से उम्मीद है कि अगले साल रामनवमी के दिन भगवान राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर में विराजमान हो जाएंगे और उनका वहीं पर पट्टाभिषेक किया जाएगा।