वाराणसी की छात्रा ने ममता बनर्जी को किया राम दरबार गिफ्ट, 51 हजार शब्दों का हुआ इस्तेमाल

वाराणसी: महिला दिवस के मौके पर ममता बनर्जी को एक अनोखा को गिफ्ट डाक के माध्यम से दिया गया। वाराणसी की एक लड़की ने राम दरबार बनाकर भेंट किया। इसे बनाने में 51 हजार शब्दों का इस्तेमाल किया गया है।

डाक के माध्यम से भेजा रामनामी संदेश

ममता बनर्जी अक्सर जय श्रीराम के नारों पर नाराज दिखाई देती हैं, काशी की एक लड़की ने उन्हें राम दरबार भेंट करके फिर इस मद्दे को जीवित कर दिया है। इस राम दरबार को बनाने में 51 हजार राम नाम का इस्तेमाल किया गया है। डाक द्वारा वाराणसी से इसे कोलकाता तक पहुंचाया गया, महिला दिवस के मौके पर यह गिफ्ट काशी की शालिनी ने दिया है।

डेढ़ महीने की मेहनत का परिणाम राम दरबार

राम दरबार को बनाने के लिए राम नाम के शब्दों को इस्तेमाल किया गया है, इस कलाकारी को जिसने भी देखा तारीफ ही की। अब ममता बनर्जी को यह कला कैसी लगेगी यह देखना और दिलचस्प होगा। इस अनोखे तोहफे की चारों तरफ खूब चर्चा हो रही है।

राम दरबार वाराणसी की छात्रा ने ममता बनर्जी को किया राम दरबार गिफ्ट, 51 हजार शब्दों का हुआ इस्तेमाल

एमएड की है छात्रा शालिनी

कला के क्षेत्र में अलग अलग प्रयोग करने वाली शालिनी वाराणसी की रहने वाली हैं, वह एमएड की छात्रा हैं। इसी वर्ष काशी विद्यापीठ में टॉप करके उन्होंने खूब चर्चा बटोरी थी। कागज पर रामभक्ति को उकेर कर वह काशी ही नहीं देशभर में चर्चित हो गई हैं।

राम दरबार बनाने में किसी मशीन या पेंट का सहारा नहीं लिया गया है। ये राम दरबार राम नाम के 51 हजार शब्दों से मिलकर बनाया गया है। शब्दों की कलाकारी और अनूठे प्रयोग का नतीजा भव्य राम दरबार के रूप में सामने आया, जिसे बनाने में शालिनी को 1 महीना 30 दिन का समय लगा।

वाराणसी की छात्रा ने ममता बनर्जी को किया राम दरबार गिफ्ट, 51 हजार शब्दों का हुआ इस्तेमाल

राम से नाराजगी पर बोलीं शालिनी

इस कलाकारी को करने वाली शालिनी ने कहा राम भगवान सबके हैं, राम से नाराजगी कैसी।  ममता बनर्जी का यह व्यवहार बिल्कुल सही नहीं है, उन्होंने कहा कि इसीलिए मैं राम दरबार भेंट करके उन्हें भगवान के विराट व्यक्तित्व की झलक दिखाना चाहती हूँ। भगवान किसी व्यक्ति विशेष या दल विशेष के नहीं होते, उन पर सबकी कृपा बराबर होती है।

बंगाल चुनाव में राम ही राम

बीजेपी ने जयश्रीराम नारे को बंगाल में अपनी तैयारी में शामिल किया है, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का विरोध बीजेपी को और मौके दे रहा है। इसे चुनावी मुद्दा भी बनाने में सभी दल लगे हुए हैं, भाजपा के नेताओं की राजनीतिक रैली में जयश्रीराम का उद्घोष बहुत सामान्य हो गया है। दूसरी तरफ ममता बनर्जी की इस नारे से नाराजगी कम होने का नाम नहीं ले रही है।

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