ramdev कोरोनिल पर सवाल उठाना टु्च्चापन- बाबा रामदेव,158 देशों ने दी है मंजूरी

नई दिल्ली: बाबा रामदेव ने हाल में कोरोनिल के बारे में वैज्ञानिक शोध पत्र जारी किया है। इसके साथ ही कोरोनिल पर सवाल उठाने वालों पर एक बार फिर नराजगी जताई है। बाबा रामदेव ने कोरोनिल पर सवाल उठाने वालों को चेताते हुए कहा कि पतंजलि को कोरोनिल को बेचने के साथ दिव्य औऱ पतंजलि की बनी 100 से अधिक अन्य औषधियों को भी बेचने की मंजूरी मिली हुई है। सवाल उठाने वालों पर नराजगी जताते हुए रामदेव ने कहा कि कोरोनिल को लेकर सवाल उठाना टुच्चापन है। कोरोनिल को WHO ने जीएमपी ने प्रोटोकाल्स बनाए हुए हैं और विश्व के 158 देशों में सर्टिफिकेशन मिला है।

महाराष्ट्र सरकार ने कोरोनिल पर लगाया प्रतिबंध

बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने कोरोनिल के महाराष्ट्र में बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया था। मामले में महाराष्ट्र सरकार का कहना था कि WHO और IMA जैसे संगठन जबतक कोरोना को सटीक होने का प्रमाण नहीं दे देते है, तब तक कोरोना से बचाव के लिए पतंजलि योगपीठ से बनाए गए कोरोनिल टीके को राज्य में नहीं बिकने दिया जाएगा।

कोरोनिल स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगपीठ का अहम योगदान- रामदेव

बता दें कि कोरोना महामारी से बचाव के लिए कोरोनिल को स्वदेशी बताते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत में स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगपीठ का यह योगदान बेहम अहम है। कोरोनिल की प्रमाणिकता पर सवाल उठाना गलत है। यह दवा एकदम उचित और साइंटिफिक है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। इस दवा से लोगों को जरूर फायदा होगा।

राजनीतिक औऱ व्यावसायिक विरोध खड़ा कर रहे कोरोनिल पर सवाल

बाबा रामदेव ने कहा कि कोरोनिल पर विवाद और सवाल खड़ा करने वाले राजनीतिक और व्यावसायिक विरोधी है। रामदेव अपने दावे पर अब भी अड़े हुए हैं। इन्हीं वजहों की वजह से कई राजनीतिक दलों और संगठनों ने उनकी दवा को WHO और IMA से प्रमाणित नहीं होने का आरोप लगाते हुए बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है।

UP: आठ मार्च को इन महिलाओं के लिए चलेगा विशेष कोविड टीकाकरण अभियान

Previous article

गिरधारी एनकाउंटर: सीजेएम कोर्ट ने दिया पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज करने का आदेश

Next article

You may also like

Comments

Comments are closed.

More in featured