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नागरिकता कानून को लेकर दिल्ली में उग्र प्रदर्शन, आधा दर्जन हिरासत में, करोड़ों का नुकसान

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नई दिल्ली। दिल्ली के सीलमपुर में हुईं हिंसक झड़प और आगजनी के बीच पुलिस व प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गईं हैं और नागरिकता कानून का विरोध कर रहे लोगों के बीच मारपीट और पथराव का भी मामला सामने आया है। यहां जानते हैं दिनभर की प्रमुख घटनायें-

अधिकारियों के मुताबिक घटना रात करीब साढ़े आठ बजे की है लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में है। सैकड़ों छात्र जामिया मिल्लिया इस्लामिया के समीप सड़कों पर उतरे जहां रविवार को हिंसक प्रदर्शन हुआ था। इसके बाद सीलमपुर में करीब डेढ़ घंटे तक हुई झड़पों में 12 पुलिसकर्मियों और छह नागरिकों समेत 21 लोग घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि उन्होंने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े लेकिन प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने की बात से इनकार किया। पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है।

राष्ट्रीय राजधानी में हिंसा की घटनाओं के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि उन्होंने दिल्ली पुलिस को राष्ट्रीय राजधानी में कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने और शांति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोधी प्रदर्शनों के दौरान जामिया मिल्लिया इस्लामिया और सीलमपुर में हिंसा तथा राष्ट्रीय राजधानी के मौजूदा हालात पर केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला तथा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी।

उधर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने मंगलवार को दिल्ली के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की उन्होंने कहा कि सभ्य समाज में हिंसा सहन नहीं की जाएगी। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने अपने कार्यालय से जारी एक बयान में कहा कि समाज में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और अगर नागरिकों के कुछ मुद्दे हैं तो उन्हें शांतिपूर्वक तथा लोकतांत्रिक तरीके से अपने विचार रखने चाहिए। इस बीच, आम आदमी पार्टी (आप) और इसके सीलमपुर से विधायक हाजी इशराक ने लोगों से शांतिपूर्वक अपना विरोध दर्ज कराने की अपील की है।

पुलिस ने मंगलवार को बताया कि जामिया और उत्तर पूर्वी दिल्ली में हिंसा को देखते हुए गश्त बढ़ा दी गई है। इस बीच, नोएडा यातायात पुलिस ने मंगलवार शाम को कहा कि नोएडा और दिल्ली को जोड़ने वाला कालिंदी कुंज रोड बुधवार को बंद रहेगा तथा यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों से यात्रा करने की सलाह दी गई। 3. इस नये कानून के विरोध में दिल्ली तथा अन्य जगहों पर हुई ताजा झड़पों के बीच विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से केंद्र को ”असंवैधानिक तथा विभाजनकारी नागरिकता संशोधन कानून वापस लेने की सलाह देने का अनुरोध किया। नागरिकता कानून में संशोधन के खिलाफ कई विपक्षी दलों ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में एकजुटता दिखाई और सरकार पर लोगों की ”आवाज दबाने का आरोप लगाया।

उन्होंने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और एक स्कूल बस समेत वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। स्कूल बस में ड्राइवर और एक छात्र था। प्रदर्शनकारियों ने यातायात पुलिस की दो मोटरसाइकिलों को भी जला दिया। इलाके में दो पुलिस चौकियों में तोड़फोड़ की गई और भीड़ वहां लगे सीसीटीवी कैमरे ले गई। पुलिस ने बताया कि घटना के संबंध में सीलमपुर और जाफराबाद पुलिस थानों में दो प्राथमिकियां दर्ज की गई है। यह झड़पें तब हुई जब दो दिन पहले दक्षिण दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया के समीप न्यू फ्रेंड्स इलाके में प्रदर्शन के बाद हिंसा भड़क उठी थी। पुलिस ने बताया कि पहले लोगों के छोटे-से समूह ने नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया था और वे सीलमपुर की गलियों में घुस गए।

जब वे जाफराबाद मुख्य सड़क पर आए तो करीब 3,000 लोग थे और पुलिस वहां मौजूद थी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ”जब वे अलग-अलग होने लगे तो अचानक पत्थर फेंके गए। हमने उनसे पथराव न करने का कई बार अनुरोध किया लेकिन वे रुके नहीं जिसके बाद उन्हें खदेड़ने के लिए हमें आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। प्रदर्शन के बाद सात मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद कर दिए गए और उनमें से पांच को कुछ देर बाद फिर से खोल दिया गया। इलाके में यातायात का मार्ग भी परिवर्तित किया गया।

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