September 22, 2021 2:02 pm
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शिक्षा नीति-2020: राज्‍यपाल आनंदीबेन बोलीं- बदलावों का विश्वविद्यालयों में हो भौतिक सत्यापन

शिक्षा नीति-2020: राज्‍यपाल आनंदीबेन बोलीं- बदलावों का विश्वविद्यालयों में हो भौतिक सत्यापन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के सामने बुधवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन के लिए की गई कार्यवाही का प्रस्तुतिकरण किया गया। यह प्रस्‍तुतिकरण राजभवन स्थित सभाकक्ष में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के नेतृत्व में किया गया। राज्यपाल ने प्रस्तुतिकरण की सराहना की और कहा कि इसका क्रियान्वयन किया जाए।

राज्‍यपाल के सामने हुए तीन प्रस्‍तुतिकरण

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के सामने नई शिक्षा नीति को लेकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में इसके क्रियान्वयन की तैयारियों के तीन प्रस्तुतिकरण हुए। उच्च शिक्षा विभाग के साथ-साथ डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय और भातखण्डे संगीत संस्थान अभिमत विश्वविद्यालय ने भी अपने प्रस्तुतिकरण किए। राज्यपाल ने बैठक में निर्देश दिया कि नई शिक्षा नीति के अनुसार पाठ्यक्रम नियोजित करते समय सभी विश्वविद्यालयों के वर्षवार पाठ्यक्रमों में विषयगत समानता सुनिश्चित कर ली जाए, जिससे माइग्रेट करने वाले छात्रों को विषय ज्ञान में दोहराव अथवा हानि न हो। उन्होंने कहा कि, नई शिक्षा नीति के तहत लागू बदलावों का विश्वविद्यालयों से भौतिक सत्यापन भी करें और यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि वहां व्यवस्था को लागू करा दिया गया है।

यूपी गवर्नर ने वर्तमान में विश्वविद्यालयों में चल रही लेखा व्यवस्था पर असंतोष व्यक्त करते हुए लेखा विवरण और एकाउन्टेंसी को व्यवस्थित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि, विश्वविद्यालय के वित्ताधिकारी को विश्वविद्यालय के सभी खातों, उनमें उपलब्ध राशि, आय-व्यय की जानकारी अवश्य होनी चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय में एसेट रजिस्टर को अनिवार्य रूप से बनाए जाने और उसे अद्यतन रखने का निर्देश दिया।

नैक मूल्यांकन के लिए प्रस्तुतिकरण की तैयारी बेहतर: राज्‍यपाल

आनंदीबेन पटेल ने कहा कि, ये सुनिश्चित किया जाए कि विश्वविद्यालय अपने विवरण के ऑनलाइन अंकन को नियमित रखें। ज्ञात हो इस संदर्भ में विश्वविद्यालय द्वारा पचपन फार्मों में प्रति माह अपने विवरण ऑनलाइन प्रस्तुत करने की व्यवस्था दी गई है। राज्यपाल ने कहा कि इस व्यवस्था से विश्वविद्यालय के नैक मूल्यांकन के लिए प्रस्तुतिकरण की तैयारी बेहतर हुई है।

विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों के लिए धनावंटन के बाद निर्माण एजेंसियों द्वारा निर्माण कार्यों को देरी से शुरू करने की उनकी कमी पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए राज्यपाल ने कहा कि, धनावंटन के बाद निर्माण कार्यों की प्रगति की समय-समय पर समीक्षा आवश्यक रूप से करके कार्यों को समयबद्ध पूर्ण कराया जाये। उन्‍होंने अन्य राज्यों में विश्वविद्यालयों द्वारा समन्वय करके शिक्षा को उपयोगी शोध एवं ज्ञान से जोड़ने के उदाहरण देकर कहा कि, प्रदेश के विश्वविद्यालय आपस में एमओयू करके विविधता पूर्ण विषयों को समन्वय से पूर्ण कर सकते हैं।

विवि में लंबित डिग्रियों को बांटने के निर्देश

उन्होंने कहा कि, इस प्रकार के समन्वय से जो उपलब्धि प्राप्त होगी, वह उपयोगी हो सकती है। स्वास्थ्य और तकनीकी का समन्वय बेहद उपयोगी और सराहनीय है। उन्होंने विश्वविद्यालयों को समन्वयात्मक पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने में रूचि लेने को कहा। राज्यपाल ने बैठक में विश्वविद्यालयों में लम्बित डिग्रियों को वितरित कराने का निर्देश भी दिया। उन्होंने कक्षा एक में पढ़ने वाले विद्यार्थी को नामांकित मानकर उच्च शिक्षा तक ड्राप आउट चेक करने को कहा।

राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय को नई शिक्षा नीति के लिए अपने प्रस्तुतिकरण की योजनाओं का धरातलीय निरूपण करने का निर्देश दिया। उन्होंने भातखण्डे संगीत संस्थान के मुख्य शिक्षण के विद्यार्थियों के लिए संगीत को विषय चयन के साथ जोड़ने पर विचार करने को कहा। उन्होंने विश्वविद्यालयों के साथ सम्बद्ध कॉलेजों की अधिकतम संख्या को भी निर्धारित करने का निर्देश दिया।

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