प्रयागराज में PDA की बड़ी कार्रवाई, सरकारी जमीन पर बने 100 से ज्‍यादा घर किए जमींदोज

प्रयागराज: उत्‍तर प्रदेश के प्रयागराज में प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई है। पीडीए ने सरकारी जमीन पर बने 100 से ज्‍यादा मकानों को जमींदोज करके हुए उसे खाली करा लिया है।

प्रयागराज के खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के पुलिस चौक कर्बला में सरकारी नजूल की करीब 10 बीघा जमीन पर अतिक्रमण किया गया था। इस कारण से जिला प्रशासन का उस पर किसी प्रकार का कोई काम नहीं हो पा रहा था, जिससे उसे करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा था।

सरकारी नजूल की जमीन पर अवैध कब्‍जा  

सरकारी नजूल की इस जमीन पर भारी संख्या में गरीब-दलित परिवार के लोगों ने अपना रैन बसेरा अनाधिकृत रूप से कब्जा करके बनाया हुआ था। सोमवार को इस पर प्रयागराज प्राधिकरण का जेसीबी चला और 100 से ज्यादा रैन बसेरों को जमींदोज करते हुए सभी लोगों को सरकारी जमीन से बाहर कर दिया।

सरकारी जमीन पर ही कुछ लोगों ने दुकानें तो कुछ ने दो मंजिला मकान तक बना लिए थे। मगर, आज प्रशासन ने किसी की एक न सुनी और सभी मकान एवं दुकानों को तोड़ दिया।

सपा प्रत्‍याशी ने किया कार्रवाई का विरोध

इसी बीच पश्चिम क्षेत्र से समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी रिचा सिंह अपने सहयोगियों के साथ पहुंची और प्रशासन की इस कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी करने लगीं। इस पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए रिचा सिंह एवं उनके साथियों को गिरफ्तार कर लिया। सभी को खुल्दाबाद थाने ले जाया गया, जहां से उन्‍हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।

इसके बाद रिचा सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, हाईकोर्ट के 15 जनवरी, 2009 के 172/5 सर्वजन हिताय के आदेश के तहत इस जमीन पर बेघर इंसानों के लिए रैन बसेरा आशियाना बनाने का आदेश हुआ था। इसके चलते यहां घर बनाए गए थे, लेकिन सरकार हाईकोर्ट के आदेश का पालन ना करते हुए आज बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंची और करीब 150 लोगों के मकानों को तोड़ने लगी।

क्‍या बोले एडीएम सदर?

वहीं, इस संबंध में एडीएम सदर विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि, यह कार्रवाई सरकार की मंशा के आधार पर अवैध रूप से सरकारी एवं नजूल की भूमि पर बनाए गए मकानों को तोड़ने के लिए प्राप्त आदेश के आधार पर की गई है। आज करीब 10 बीघा जमीन को खाली कराया गया है और अब इस पर सरकार द्वारा निर्दिष्ट विभाग द्वारा बाउंड्रीवाल बनाकर आगे का कार्य किया जाएगा।

कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत के आंकड़ो में उछाल खतरे की घण्टी

Previous article

कोरोना संकट के बीच 8 अप्रैल को PM मोदी के साथ सभी CM की होगी बैठक

Next article

You may also like

Comments

Comments are closed.

More in featured