मक्का मस्जिद मामले पर राजनीति तेज, बीजेपी ने राहुल से माफी मांगने को कहा

नई दिल्ली। हैदराबाद की मक्का मस्जिद बम धमाके के मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने सबूतों के अभावों के चलते सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। बरी किए गए आरोपियों में स्वामी असीमानंद भी शामिल हैं। वहीं एनआईए के फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। आरोपियों के बरी होने के बाद भगवा आतंकवाद को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस को आड़े हाथ लिया है। बीजेपी ने एक प्रेस वार्ता कर कांग्रेस से माफी मांगने को कहा है।

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि आज कांग्रेस के चेहरे से मुखौटा उतर गया है। कांग्रेस ने जिस तरह से हिंदू आतंकवाद के नाम पर हिंदू धर्म को बदनाम कर तृष्टिकरण की राजनीति करने का काम कर रही थी उसका आज पर्दाफाश हो गया है। पात्रा ने कहा कि कांग्रेस तृष्टिकरण की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया नहीं देती। बीजेपी प्रवक्ता ने सवाल किया, क्या राहुल गांधी इंडिया गेट पर माफी मांगने के लिए रात 12 बजे आएंगे? 

दूसरी तरफ स्वामी असीमानंद समेत पांच आरोपियों को बरी किए जाने पर एमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि धमाके में मारे गए लोगों को न्याय नहीं मिला। दरअसल साल 2010 में राहुल गांधी ने भारत में तत्कालीन अमेरिकी राजदूत से निजी बातचीत में भगवा आतंकवाद को इस्लामी आतंकवाद से ज़्यादा खतरनाक बताया था। ये बात विकीलीक्स की रिपोर्ट में सामने आई थी। राहुल के इसी बयान से बीजेपी कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाती है।

असीमानंद को 19 नवंबर 2010 को उत्तराखंड के हरिद्वार से हैदराबाद, अजमेर और समझौता एक्स्प्रेस ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार किया गया था। गौरतलब है कि साल 2011 में असीमानंद ने खुद मजिस्ट्रेट के सामने अपने इक़बालिया बयान में कहा था कि अजमेर की दरगाह, हैदराबाद की मक्का मस्जिद बम विस्फोटों में हिंदू चरमपंथियों के हाथ थे. हालांकि, बाद में वो अपने बयान से पलट गए थे. इसे एनआईए के दबाव में दिया गया बयान बताया था.