db34fdfb 91c2 455e b61b b6273126e973 विशेष: इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति के पत्र पर राजनीति तेज़

इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति का पत्र सामने आने के बाद एक तरफ शासन प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए लाउडस्पीकर की दिशा तो बदल दी, लेकिन अब इस पूरे मामले पर राजनीति तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार प्रदेश में आई है, तब से जाति धर्म की राजनीति पर जोर दिया जा रहा है।

सपा ने बोला सरकार पर हमला

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव ने मस्जिद में लाउडस्पीकर से होने वाली अजान से नींद में खलल पढ़ने को लेकर शासन प्रशासन से पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद अब इस पूरे मामले पर राजनीति तेज हो गई है। इस पूरे मामले पर जब हमने समाजवादी पार्टी से बातचीत करने का प्रयास किया।

तब समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है, तब से जाति धर्म की राजनीति पर जोर दिया जा रहा है। आखिर क्यों नहीं यहां राष्ट्र निर्माण की बात होती है। राष्ट्र निर्माण की बात होती तो विकास की बात हो पाती, प्रदेश में यहां युवा बेरोजगार घूम रहा है, बेरोजगारी से युवा आत्महत्या कर रहा है। रोजगार दिलाने की राजनीति होनी चाहिए। महंगाई यहां कमरतोड़ है, महंगाई से लोग परेशान हैं, जीना मुश्किल हो गया है। इस पर चर्चा क्यों नहीं होती? महिला सम्मान के बारे में चर्चा क्यों नहीं होती?

देश का संविधान प्रत्येक नागरिक को उसके अधिकारों के हनन होने पर विरोध करने का हक देता है- भाजपा
भारतीय जनता पार्टी ने इस पूरे मामले पर अपना रुख साफ किया है, इस पर भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता मनीष शुक्ला से जब हमने बातचीत की। उन्होंने बताया कि देश का संविधान प्रत्येक नागरिक को उसके अधिकारों के हनन होने पर सक्षम अधिकारी से शिकायत दर्ज कराने का हक देता है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति की नींद में अजान से खलल पड़ रहा था, इसकी शिकायत उन्होंने इलाहाबाद जिलाधिकारी से की है और यदि यह शिकायत सही पाई जाती है। तो इस पर प्रयागराज प्रशासन को कार्यवाही करनी चाहिए।
मुस्लिम धर्म गुरु बोले, कुलपति को पता होना चाहिए कि अपना देश गंगा जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता है

इस पूरे मामले पर जब हमने मुस्लिम धर्मगुरु फिरंगी महली से बातचीत करी तो उन्होंने बताया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति ने जो पत्र लिखकर अजान पर आपत्ति जताई है तो उन्हें यह पता होना चाहिए कि अपना देश गंगा जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता है। हमारे यहां मंदिरों में लाउडस्पीकर लगाकर कीर्तन भी होते हैं और मस्जिदों से नमाज में पढ़ी जाती है। हमारा देश हमेशा से गंगा और जमुना तहजीब को बढ़ावा देने वाला देश रहा है। यहां सभी धर्म एक साथ रहते आये है।

लाउडस्पीकर चलाने के ये हैं नियम
इस पूरे मामले पर जब हमने कॉलोनी पक्ष जानने का प्रयास किया जिस पर उत्तर प्रदेश लॉ कमीशन के चेयरमैन एन मित्तल से बातचीत की तो उन्होंने बताया
570/ 2020 रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि
1- भारत सरकार के ध्वनि प्रदूषण रूल के 4,5,5(A)और सेक्शन  6 के अनुसार रात के 10- सुबह 6 बजे तक किसी भी तरह का ऐम्प्लीफ़ायर और लाउड स्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
2- हाईकोर्ट ने 2012 और 2018 के आदेश के अनुसार कहा है की किसी भी दृष्टि से हर व्यक्ति को १० से ६ तक नींद लेने का अधिकारी है।
3- अजान या शादी में रात 10 के बाद सुबह 6 तक लाउड्स्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
4- मस्जिद के मुआज्जिन देते हैं बिना लाउड स्पीकर के तो उसपर कोई दिक़्क़त नहीं हैं
5- प्रशासन को स्वयं सतर्क रहना चाहिए
तत्काल करवाही होनी चाहिए। इसमें किसी और के हस्तक्षेप का इंतज़ार नहीं करना चाहिए।
क्या कहता है प्रशासन

इस पूरे मामले पर जब हमने इलाहाबाद आईजी रेंज के पी सिंह से बातचीत करी तो उन्होंने बताया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति के द्वारा अजान हो रही नींद में खलल को लेकर के पत्र दिया गया था। इसके बाद इस पूरे मामले का संज्ञान लिया जा रहा है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश है कि रात में 10:00 बजे से लेकर सुबह 6:00 बजे तक किसी भी तरह से ध्वनि प्रदूषण ना होने पाए यदि ऐसा हुआ है तो इसकी भी परमिशन शासन से ली गई है या नहीं इस पर जांच करेंगे और जो भी दोषी होंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी।

यह है पूरा मामला
इलाहाबाद विश्‍वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने मस्जिद में लाउडस्‍पीकर से होनी वाली अजान से नींद में खलल पड़ने को लेकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। उन्‍होंने अपने भेजे गए पत्र में लिखा कि, रोज सुबह लगभग साढ़े पांच बजे उनके आवास के पास मस्जिद से लाउडस्पीकर पर होने वाली अजान से उनकी नींद बाधित हो जाती है।
इसके बाद वह तमाम कोशिशों के बाद भी सो नहीं पातीं हैं, जिसकी वजह से उन्हें दिनभर सिरदर्द बना रहता है और कामकाज भी प्रभावित होता है। उन्‍होंने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि वह किसी संप्रदाय, जाति या वर्ग के खिलाफ नहीं हैं। उन्‍होंने लिखा- अजान लाउडस्पीकर के बिना भी की जा सकती है, जिससे दूसरों की दिनचर्या भी प्रभावित न हो। उन्‍होंने जिलाधिकारी से त्वरित कार्रवाई करने की मांग की।

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