प्रधानमंत्री 15 अप्रैल को करेंगे ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन

मेरठ। दिल्ली से वाहनों का दबाव हटाने के लिए बन रहे ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गया है। इक्का-दुक्का जगह पर थोड़े काम को छोड़कर निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। बागपत के सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री डाॅ सत्यपाल सिंह का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अप्रैल को इस एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन कर सकते हैं। यह एक्सप्रेस-वे एक मील का पत्थर साबित होगा।

pm modi
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सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर दिया था आदेश

हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश से दूसरे प्रदेशों में जाने वाले के लिए वाहनों को दिल्ली के अंदर से होकर जाना पड़ता है। सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिल्ली से वाहनों का बोझ हटाने के लिए दिल्ली के चारों एक एक्सप्रेस-वे का एक कॉरीडोर बनाने का आदेश दिया। इस कॉरीडोर को दो भागों में बांटकर बनाया गया। इस प्रकार से दो वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे अस्तित्व में आने जा रहे हैं। हरियाणा के पलवल से फरीदाबाद होते हुए सोनीपत में कुंडली तक जाने वाले वेस्टर्न एक्सप्रेस-वे का कार्य पूरा हो चुका है। जबकि कुंडली से यूपी के बागपत, गाजियाबाद, नोएडा होते हुए पलवल तक जाने वाले ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गया है। बागपत के खेकड़ा में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण शेष बचा है।

2010 में बनकर तैयार होना था एक्सप्रेस-वे

ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पहले 2010 में दिल्ली में हुए काॅमनवेल्थ गेम्स तक बनकर तैयार होना था लेकिन काम शुरू नहीं होने के कारण इसका निर्माण पिछड़ गया। केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार आने के बाद करीब डेढ़ साल पहले ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे का निर्माण शुरू हुआ। यह तय समय से पहले ही बनकर तैयार हो गया है। इसी तरह से वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे का निर्माण पहले ही हो चुका है।

बागपत में उद्घाटन चाह रहे केंद्रीय राज्यमंत्री

वैसे ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे बागपत, गाजियाबाद और नोएडा से होकर जा रहा है लेकिन मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर और बागपत के सांसद केंद्रीय राज्यमंत्री डाॅ सत्यपाल सिंह की मंशा बागपत में प्रधानमंत्री से उद्घाटन कराने की है। इसके लिए पहले केंद्रीय मंत्री ने 15 मार्च को उद्घाटन कराने की बात कही थी लेकिन काम अधूरा होने के कारण ऐसा नहीं हो पाया। रालोद मुखिया अजित सिंह को पटखनी देकर सांसद बने डाॅ सत्यपाल सिंह इसके जरिए 2019 के लोकसभा चुनावों में फतह पाना चाह रहे हैं। साथ ही, बागपत की जनता के बीच ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के निर्माण का श्रेय भी लेना चाह रहे हैं।

सांसद ने दिया था किसानों का साथ

भूमि अधिग्रहण में कम मुआवजा मिलने के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों को भाजपा सांसद डाॅ सत्यपाल सिंह का सक्रिय साथ मिला था। सांसद ने किसानों के आंदोलन में साथ दिया और केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के सामने भी उचित मुआवजा दिलाने की पैरवी की। बागपत के प्रशासनिक अधिकारियों पर भी सांसद ने किसानों के पक्ष में दबाव बनाया। इससे किसानों के बीच सांसद की छवि भी अच्छी बन गई है। इसी कारण सांसद एक्सप्रेस-वे का बागपत में उद्घाटन कराना चाह रहे हैं।