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हिम्मत , ईमानदारी से करें काम , मैं साथ खड़ा हूं : पीएम मोदी

NARENDRA MODI 1 हिम्मत , ईमानदारी से करें काम , मैं साथ खड़ा हूं : पीएम मोदी

नई दिल्ली। 11वें सिविल सेवा दिवस के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी अधिकारियों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि अब हमरी जिम्मेदारी बढ़ गई है। 20 साल पहले और आज के हालत में काफी अतंर है। अब लोग प्राइवेट अस्पताल की सरकारी अस्पताल से तुलना करते हैं। सरकार के रहते बोझ महसूस ना करें हिम्मत से फैसला लें , मैं आपके साथ खड़ा हूं।

NARENDRA MODI 1 हिम्मत , ईमानदारी से करें काम , मैं साथ खड़ा हूं : पीएम मोदी

पीएम मोदी के भाषण की अहम बातें:-

  • लोगों के मन में भाव पैदा कीजिए अभाव नहीं
  • अफसर चाह लें तो गंगा साफ हो सकती है
  • विभागों में मतभेद अहम नहीं होना चाहिए
  • कश्मीर में बाढ़ के वक्त पत्थर मारने वाले भी ताली बजाते हैं
  • आत्मचिंतन करें आप बुरे लोग नहीं है

NARENDRA MODI 2 हिम्मत , ईमानदारी से करें काम , मैं साथ खड़ा हूं : पीएम मोदी

  • मुझे कभी निराशा का भाव नहीं आता
  • ऑल इंडिया सिविल सर्विस देश का देन है
  • फरवरी में बजट पेश करने से आया बदलाव
  • पहली बार 1 अप्रैल से बजट सत्र शुरु हुआ
  • 3 साल में हर विचार का परिणाम मिलेगा
  • हर चीज को आउटपुट पर नहीं आउटकम पर तौलें
  • सरकारे आएंगी और जाएंगी लेकिन व्यवस्था बरकरार रहेगी
  • कई बार विभागो की फाइलों में 25-30 साल पुराने मामले पड़े रहते है
  • अफसर हर फैसले को राष्ट्रहित के तराजू पर तौलें

NARENDRA MODI 3 हिम्मत , ईमानदारी से करें काम , मैं साथ खड़ा हूं : पीएम मोदी

  • सत्य निष्ठा से काम होना चाहिए
  • टीम की शक्ति कम हुई तो परफॉर्म नहीं कर पाएंगे
  • हमेशा ईमानदार अफसरों के साथ हूं
  • हिम्मत से फैसला लें , मैं आपके साथ खड़ा हूं
  • अभाव के बीच रास्ते खोजने होंगे
  • राष्ट्रहित सिविल सेवा का धर्म है
  • काम के दौरान खुद का प्रचार सही नहीं
  • बैठक में मोबाइल पर रोक लगाई
  • देशे में लोगों की अपेक्षाएं बढ़ी
  • अफसरों की उंगलियों पर शासन व्यवस्था
  • अफसरों की ताकत अच्छे से समझता हूं
  • ई-गवर्नेंस का इस्तेमाल लोगों की जरुरतें पूरी करने में हो
  • सोशल मीडिया के जरिए व्यवस्था का प्रचार जरुरी
  • सोशल मीडिया की ताकत पहचानता हूं
  • सर्वोत्तम लोगों से सर्वोच्च काम की उम्मीद
  • अब लोग प्राइवेट अस्पताल की सरकारी अस्पताल से तुलना करते हैं
  • विचार करें अनुभव बोझ तो नहीं बन रहा
  • ये कॉम्टीशन का दौरा है इसलिए आज की चुनौती बड़ी है
  • अब हमारी जिम्मेदारी बढ़ गई है
  • काम करने का तरीका बदले चुनौतियां अवसर में बदल जाएंगी
  • सरकार के रहते बोझ का एहसास ना हो
  • चुनौतियों को अवसर में बदलने की जरुरत
  • हमें जल्द कार्यशैली बदलने की जरुरत
  • 15-20 सालों में प्रतिस्पर्धा का दौर शुरु हुआ
  • 20 साल में हालात बदले और आज लोगों के पास अवसर है
  • 20 साल पहले और आज के हालात में अंतर
  • सिविल सेवा दिवस के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित

 

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