modi scaled पीएम मोदी ने किया ICC के विशेष कार्यक्रम को संबोधित, कहा- दूसरे देशों पर अपनी निर्भरता कम करनी होगी

कोरोना वायरस के महासंकट के बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC) के विशेष कार्यक्रम को संबोधित किया।

नई दिल्ली। कोरोना संकट के बीच पीएम मोदी ने आज आईसीसी के विषेश कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण की शुरूआत बंगाली भाषा से की। दरअसल ये विषेश कार्यक्रम बंगाल के कोलकाता में हो रहा है। इसलिए पीएम मोदी ने इसकी शुरूआत बंगाली भाषा से की। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 99 साल से आईसीसी देश की सेवा में लगा है। पीएम ने आगे कहा कि आज के भारत को आत्मनिर्भर बनने की बहुत जरूरी है। भारत को दूसरे देशों पर निर्भर होना कम करना होगा। बल्कि इस बारे में सोचना होगा कि जो चीजे हम बाहर से मंगवाते हैं उनको भारत में बनाकर उसका निर्यात अपने देश में कैसे किया जाए। आत्मनिर्भर भारत के तहत काफी बड़े एलान किए गए हैं और उसको जमीन तौर पर काम में लाया जा रहा है।

‘कोलकाता बन सकता है लीडर’

बता दें कि पीएम मोदी ने आगे कहा कि लोकल प्रोडेक्ट के लिए क्लस्टर के आधार पर मजबूती दी जा रही है। नॉर्थ ईस्ट को खेती के लिए ऑर्गेनिक हब बानाने की कोशिश की जा रही है। अगर आईसीसी एक बार ठान ले तो इसकी ग्लोबल पहचान बना सकते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आज कोलकाता के पास लीडर बनने का मौका है। क्योंकि कहा जाता है कि जो बंगाल सोचता है वो आगे देश में किया जाता है।

 

पीएम मोदी ने कहा कि 5 साल बाद आईसीसी अपने 100 साल पूरे कर लेगी और 2022 में देश अपनी आजादी को 75 साल पूरे हो जाएंगे। ऐसे में हर किसी के ापास मौका है कि वो एक संकल्प ले और भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संपूर्ण लक्ष्य तैयार करें।

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आगे पीएम मोदी का कहना है कि अपने गठन के बाद से आईसीसी ने अब तक काफी कुछ देखा और एक्सपीरियंस  किया है। इस साल ये कार्यक्रम ऐसे वक्त पर हो रहा है। जब देश कई तरह की परेशानियों से झूझ रहा है। देश में कोरोना वायरस जैसी महामारी फैल रही है। टिड्डियों का कहर झेल रहा है, दो-दो तूफान देश में आ चुके हैं। ऐसे में  हमें सोचना चाहिए कि वक्त कभी-कभी हमारी परीक्षा लेता है।

‘मुसीबत की दवाई सिर्फ मजबूती’

वहीं पीएम मोदी ने कहा कि मन के हारे हार, मन के जीते जीत… हमारी संकल्प शक्ति ही हमारा आगे का मार्ग तय करती है। जो पहले ही हार मान लेता है, उसके सामने नए अवसर नज़र नहीं आते हैं ऐसे में जीत के लिए लगातार प्रयास करने वाला ही सफलता पाता है और नए अवसर आते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि देश में ऐसे संकट के समय में मुसीबत की दवाई सिर्फ मजबूती है। हमेशा भारत मुसीबत में आगे रहा है और हर मुसीबत का डटकर सामना करता है। इस वक्त पूरी दुनिया कोरोना संकट से लड़ रही है। भारत भी अपने कोरोना वॉरियर्स के साथ इस लड़ाई से जी जान से लड़ रहा है। इस आपदा को लेकर देशवासियों के मन में .ही संकल्प है कि कैसे इस आपदा को अवसर में बदलना है। देश को इस संकट को टर्निग प्वाइंट में बदलना है।

 

पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि आज देश के हर व्यक्ति के मन में सिर्फ काश-काश का ही सवाल है। कि काश हम मेडिकल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होते..काश हम डिफेंस के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होते…काश हम सोलर पैनल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होते…ऐसे कई उदाहरण हैं जहां पर देश में काश घूम रहा है। वहीं कोरोना वायरस के महासंकट के बीच पीएम मोदी ने लगातार लोगों को अपने संबोधन से प्रेरित किया है। पीएम मोदी ने शुरू के दो लॉकडाउन का एलान खुद किया था। इसके अलावा पीएम मोदी ने देश की जनता को मन की बात के जरिए भी संबोधित किया है।

कोरोना संकट के बीच अब जब अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई है, इस बीच एक बार फिर अर्थव्यवस्था को खड़ा करने का संकट है। सरकार की ओर से 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया गया है, साथ ही आत्मनिर्भर भारत का एक नया मंत्र भी फूंका गया है। ऐसे में सरकार किस तरह एक बार फिर अर्थव्यवस्था को लेकर आगे कदम बढ़ाती है, इन मसलों पर पीएम मोदी के भाषण पर नज़र है।

Rani Naqvi
Rani Naqvi is a Journalist and Working with www.bharatkhabar.com, She is dedicated to Digital Media and working for real journalism.

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