Petrol पेट्रोल-डीजल की कीमत में भारी उछाल, पेट्रोल= 100 नॉटआउट !
पेट्रोल-डीजल की कीमत में भारी उछाल, सौ नॉटआउट !

दिल्ली- देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि, जब पेट्रोल के दामों ने शतकीय पारी खेली है। आज लगातार 10वें दिन तेल की कीमतों में इजाफा देखने को मिला है। दिल्ली में 90.19 रुपये पर चला गया, तो डीजल भी 33 पैसे का छलांग लगा कर 80.60 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया । तो वहीं मुंबई में पेट्रोल 96.62 रुपए और डीजल 87.67 रुपए पहुंच गया है । कोलकात में पेट्रोल 91.41 रुपए तो डीजल 84.19 रुपए में है । 

बढ़ती कीमतों को लेकर विपक्षी दल का प्रदर्शन

लगातार तेल की कीमतों में हो रही वृद्धि नए-नए रिकॉर्ड तोड़ रही है। साल 2021 में पेट्रोल अब तक 6.07 रुपये महंगा हो चुका है। पिछले 10 महीने में ही इसके दाम में करीब 17 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। तो वहीं दूसरी तरफ विपक्षी पार्टी लगातार बढ़ती तेल की कीमतों को लेकर प्रदर्शन कर रही है। कहीं पर सपा के कार्यकर्ता मोटर साइकिल की शव यात्रा निकाल रहे है। तो कहीं कांग्रेस गैस सिलेंडर की शव यात्रा निकाल रही है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से तेल की कीमतों को कम करने की मांग की है।

आम जनता की जेब पर असर

लगातार बढ़ रहे तेल के दामों से आम जनता भी हलकान हो चुकी है। सीधा असर जनता की जेब पर और खाने की सामग्री पर देखे को मिल रहा है. जाहिर है अगर तेल की कीमतें बढ़ रही हैं तो ट्रांसपोर्ट भी महंगा होगा। ऐसे में आम जनता की मुुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं।

कच्चे तेल से कितनी प्रभावित होती है पेट्रोल की कीमत? 

भारत की निर्भरता ब्रेंट क्रूड की सप्लाई पर है, ना कि डब्ल्यूटीआई पर इसलिए अगर ब्रेंट क्रूड की कीमत में एक डॉलर की कमी आती है, तो देश में पेच्रोल सस्ता होता है। कच्चे तेल की कीमत में एक डॉलर की कमी का सीधा-सीधा मतलब है पेट्रोल जैसे प्रोडक्ट्स के दाम में 50 पैसे की कमी वहीं अगर क्रूड के दाम एक डॉलर बढ़ते हैं तो पेट्रोल-डीजल के भाव में 50 पैसे की तेजी आना तय माना जाता है ।
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