नई तकनीक से लैस हुआ पटना एयरपोर्ट, होगा यें फायदा

नई दिल्ली। बिहार में जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय का एटीसी अब अत्याधुनिक कर दिया गया हैं जिसमें जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के एटीसी को अब अत्याधुनिक रडार सिस्टम ऑटोमेटिक डिपेंडेंट सर्विलांस-ब्राडकॉस्ट (एडीएस-बी) से जुड़ गया है। बता दे कि दो दिनों से सिस्टम की देख रेख मे इसका परिचालन हो रहा है जिसमें जो भी विमान पटना एयरपोर्ट के ऊपर से गुजरगें तो उन सभी विमानों को स्क्रीन पर आसानी से देखा जा सकेगा। बता दे कि यें सिस्टम काफी सस्ता और कारगर है।

पहले क्या था और अब क्या हैं-
बता दे कि पहले एयरपोर्ट के टावर कंट्रोल को मैनुअल तरीके से टेलीफोन के माध्यम से फ्लाइट से जुड़ी जानकारी ली जाती थी पर अब ऐसा नहीं हैं अब इसे पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड कर दिया गया हैं। इस सिस्टम की मदद से से पता चल जाया जाया करेगा अगर किसी सिस्टम से यदि एयरपोर्ट का बेस भरा है और कोई विमान आने वाले है तो इस सिस्टम की मदद से उसकी जानकारी पहले ही मिल जाया करेगी जिससे उसके लिए जगह बनाई जा सकेगी। इससे लैंड करने वाले विमान को अधिक देर तक हवा में नहीं रहना पड़ेगा।

इस संबंध में पटना एयरपोर्ट निदेशक राजेंद्र सिंह लाहोरिया ने बताया कि एडीएस-बी सिस्टम में इलेक्ट्रोमैग्नेटिकवेव विमान से टकराती हैं और जीपीएस के जरिये फ्लाइट की सही स्थिति स्क्रीन पर दिखने लगती है।

इस तकनीक के लिए पहले चरण में एक दर्जन कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया है। उन्हें कोलकाता के प्रशिक्षण संस्थान भेजा गया था। वहां से सारे कर्मचारी प्रशिक्षण लेकर वापस लौट आए। इन प्रशिक्षित कर्मियों में दो मास्टर ट्रेनर भी हैं। इस तकनीक के शुरू होने से लैंडिंग व टेक ऑफ समय में 7 से 10 मिनट की बचत होने लगी है।
बिहार सरकार भी नई नई तकनीक के जरिए बिहार की सुधारने की कोशिश कर रही हैं जिससे लोगों को भी इसका काफी फायदा पहुंच रहा हैं।