पंडित सुनील भराला का विजय रथ हापुड़-मेरठ लोकसभा सीट पर

पंडित सुनील भराला का विजय रथ हापुड़-मेरठ लोकसभा  सीट पर

लखनऊ। लखनऊ से पंडित सुनील भराला अध्यक्ष श्रम कल्याण परिषद उत्तर प्रदेश सरकार दर्जा प्राप्त मंत्री के तौर पर दिल्ली एयरपोर्ट आए  जहां यूपी भवन पर सैकड़ों की संख्या में श्रमिक और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। उसके बाद यूपी गेट गाजियाबाद हजारों की संख्या में लोगों ने ऐतिहासिक स्वागत करते हुए सुनील भराला में भारी विश्वास जताया। उनकेै स्वागत में लोगों ने विजय चौक एबीएस कॉलेज लाल कुआं, धमेटा गांव श्रीनगर शास्त्री नगर, nh-24 चौराहा डासना, मसूरी जिंदल नगर , फैक्ट्री चौराहा पिलखुवा प्रवेश पिलखुआ, मध्य पिलखुवा पूर्व धौलाना चौराहा, हापुड़ बाईपास, मेरठ चुंगी हापुर, हापुड़ रेलवे क्रॉसिंग, हापुड़ पुलिस लाइन, असौड़ा हापुड़ धीर खेड़ा, कैली बसअड्डा, खरखोदा खरखोदा, मध्य खरखोदा जीओवीटी कॉलेज, फकुंडा बंबा बाईपास चौराहा, शास्त्री नगर चौराहा मोदीपुरम तक प्वाइंट स्वागत सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित किए गए। इतना नहीं उनके इस काफिले में लगभग 1000 गाड़ियों के साथ हजारों लोगों ने भागीदारी ली।

बता दें कि जिस तरह कि लोकप्रियता लोगों में सुनील भराला को लेकर दिखाई दे रही है उससे तो ऐसा ही लग रहा है कि लोगों में वर्तमान सांसद की लोकप्रयता कम हो रही है और सुनील भराला नये सासंद बनने की तर्ज पर है। क्योंकि जिस तरह से लोगों में सुनील भराला को लेकर उत्साह देखने को मिला उससे तो यही जाहिर है कि अगले सांसद सुनील भराला ही हो सकते हैं। इतना ही नहीं पार्टी भी इस बार ब्राम्हण कार्ड खेलने को तैयार है। इसके साथ ही संगठन को भी एक नए और ऐसे चेहरे की तलाश है जो लोंगों में ज्यादा लोकप्रिय हो। ऐसे में पार्टी के पास सुनील भराला से ज्यादा शक्तिशाली कोई और चेहरा नहीं है। क्योंकि लोंगों  में उनके प्रति ज्यादा लोकप्रियता देखने को मिलती है।

वहीं जब इस बारे में सुनील भराला से पूछा गया कि अगर पार्टी आपको सांसद के रूप में चुने तो आपका इस पर क्या रिएक्शन होगा। इस पर सुनील भराला ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री और पार्टी दोनों की ही बहुत इज्जत करता हूं। पार्टी मेरे लिए जो भी फैसला लेगी वो मुझे मंजूर होगा और पार्टी का फैसला मेरे सर माथे होगा। वहीं सुनील भराला ने कहा कि पार्टी का जो भी फैसला हो मैं अपने कामों को यूं ही जारी रखूंगा और जैसे अब तक अपने काम को इमानदारी और निष्ठा से करता आया हूं आगे भी वैसे ही करता रहूंगा।

साथ ही पंडित सुनील भराला ने कहा कि हम श्रमिक गरीब झुग्गी झोपड़ी मलिन बस्ती परिवारों में किसी का भी शोषण नहीं होने देंगे। गरीब को श्रमिकों अपनी रोजी दाढ़ी पूरी मिलेगी उत्तर प्रदेश में सरकार ने मुझे अध्यक्ष बनाया है। परंतु अध्यक्ष कम श्रम सेवक यानी मजदूर सेवक के रूप में मन के उत्तर प्रदेश मैं काम करूंगा। उत्तर प्रदेश एवं केंद्र शीर्ष नेतृत्व ने जो मेरे पर भरोसा जताया है। उस भरोसे पर खरा उतरने का काम करूंगा। श्रमिक का उत्पीड़न उत्तर प्रदेश में कहीं नहीं होने दूंगा।

वहीं उन्होंने कहा कि श्रमिक को पूरा न्याय मिलेगा श्रमिक को उसको पूरी हिस्सेदारी उसकी भागीदारी मिलेगी श्रमिक का कहीं भी शोषण नहीं होगा। बाल श्रमिकों के लिए में कटिबद्ध हूं बाल श्रमिकों को अत्याचार से मुझे बचाना है। उनके लिए कल्याणकारी योजनाएं प्रधानमंत्री के द्वारा चलाई गई। भारत सरकार की हो या उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए गए कल्याणकारी योजनाएं उनके घर तक पहुंचाने का काम निष्ठा से करूंगा धन मंत्री को भी हृदय की गहराइयों से आभार धन्यवाद देता हूं। जिन्होंने आजाद भारत में पहली बार श्रमिकों के लिए 60 साल से ऊपर की आयु के श्रमिकों ₹3000 की पेंशन मिलेगी जिससे बुढ़ापे का सहारा यह प्रधानमंत्री की पेंशन बनेगी यह इतना बड़ा ऐतिहासिक काम किया है।

श्रमिक का शरीर 7 साल की आयु के बाद काम करना छोड़ देता है। प्रधानमंत्री ने ध्यान रख कर के ₹3000 पेंशन के रूप में देने का जो ऐतिहासिक कार्य किया है। वह अत्यंत ही सराहनीय है। श्रमिक को हेल्थ स्वास्थ्य योजना का लाभ भी उन परिवारों को दिलवाने के लिए हम काम करेंगे। श्रमिक की इपीएफ आदि योजनाएं पर कार्य करेंगे। संगठित असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाएंगे श्रमिक एवं भाजपा के कार्यकर्ताओं ने गाजियाबाद हापुड़ मेरठ जनपद में अभूतपूर्व स्वागत करके मेरा दिल मोह लेने का काम किया है। भराला ने बोलते हुए कहा मेरठ का एक-एक कार्यकर्ता अपने आप को अध्यक्ष श्रम कल्याण परिषद उत्तर प्रदेश सरकार दर्जा प्राप्त मंत्री समझे और गरीब मजदूर के लिए काम करें और मुझे सहयोग करें। मेरा यही सपना है कि गरीब मजदूर को न्याय मिले योजनाओं का लाभ मिले इन शब्दों के साथ उन्होंने हजारों कार्यकर्ताओं का हृदय की गहराइयों से धन्यवाद किया और आभार व्यक्त किया और उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का आश्वासन दिलाया।