लोगों के दिलों को छू रही है पैडमैन

लोगों के दिलों को छू रही है पैडमैन

दिल्ली। फिल्म पैडमैन सस्ते सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने की कहानी से प्रेरित है। तमिलनाडु के रहने वाले अरुणाचलम मुरुगनाथम ने अपने ज़िंदगी में महिलाओं को सस्ते सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने के लिए काफी मेहनत किया था। अक्षय कुमार फिल्म पैडमैन में उसी अरुणाचलम का किरदार निभा रहे हैं लेकिन इस किरदार का नाम मुरुगनाथम ना होकर लक्ष्मी है। अक्षय कुमार ने फिल्म में मुरुगनाथम के किरदार को बहुत अच्छे से निभाया है। फिल्म पैडमैन की कहानी मध्यप्रदेश की पृष्ठभूमि पर बसी हुई है।

फिल्म में दिखाया गया है कि देश की महज़ 12% महिलाएं ही सैनिटरी पैड का इस्तेमाल करती हैं और बाकी माहिलाएं गंदे कपड़े और पत्ते का उपयोग करती हैं गंदे कपड़े, राख और पत्ते इस्तेमाल करने की वजह से कई बीमारियां होती हैं लक्ष्मी अपनी पत्नी के इस तरह की परेशानी को कम करने के लिए अपने परिवार और समाज से लड़ता है। वह बहुत मशक्कत से सैनिटरी पैड ज्यादा मात्रा में उपलब्ध कराने के लिए सस्ती मशीन बनाता है ताकि महिलाओं को सस्ते और सुरक्षित पैड आसानी से मिल सकें।

पैडमैन की कहानी को निर्देशक आर बाल्की ने पर्दे पर बहुत अच्छे से उतारा है। इस फिल्म में पैडमैन ने एक बात पर काफी जोर देकर कहा है कि महिलाएं शर्म के कारण इस विषय पर बात नही करना चाहतीं और ना ही इससे होने वाले बीमारियों के बारे मे जानतीं है।

पैडमैन की कहानी की रफ़्तार अच्छी है खास कर फिल्म के दूसरे भाग में। महिला सशक्तिकरण और महिलाओं के रोजगार की बात को लेकर भी फ़िल्म में ज्यादा जोर दिया गया है। अक्षय कुमार ने इस बार भी अच्छे अभिनय के साथ साथ पैडमैन जैसा काफी अच्छा विषय चुना है फिल्म का लंबा सीन जिसमें अक्षय़ कुमार यूनाइटेड नेशन्स में स्पीच देते है यह स्पीच लोगों को बोर ना करते हुए उनके दिल को छूता है।

फ़िल्म पैडमैन की लंबाई का हिस्सा थोड़ा ज्यादा ही है। फिल्म की कहानी को देखते हुए लगता है कि फिल्म थोडी छोटी हो सकती थी। पैडमैन का पहला हिस्सा ख़ास कर थोड़ा ज्यादा ही लंबा लगता है
बता दें फिल्म पैडमैन सैनिटरी पैड पर बनी पहली फ़िल्म नहीं है। इसके पहले भी दो और फिल्में बन चुकी है जिसमें से एक फ़िल्म का नाम है ‘फुल्लू’ और दूसरी फिल्म है आईपैड। फ़िल्म फुल्लू में एक पति अपनी पत्नी के लिए पैड बनाने के लिए निकलता है वहीं दूसरी फिल्म आईपैड भी अरुणाचलम की ज़िंदगी पर बनी थी पर किसी वजह से रिलीज़ नहीं हो पाई थी।