हाईकोर्ट के आदेश पर सरकार ने राजधानी में अतिक्रमण हटाने की कवायद शुरू कर की

देहरादून। हाईकोर्ट के आदेश पर सरकार ने बृहस्पतिवार को राजधानी में अतिक्रमण हटाने की कवायद शुरू कर दी। पहले दिन विभिन्न विभागों की दो संयुक्त टीमों ने 71 अतिक्रमण हटाए। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में रिस्पना पुल से नेहरू कॉलोनी चौक और सहारनपुर रोड पर अतिक्रमण हटाया गया।

बृहस्पतिवार सुबह सिटी मजिस्ट्रेट मनुज गोयल और एसडीएम मसूरी मीनाक्षी पटवाल के नेतृत्व में एक टीम हरिद्वार रोड स्थित रिस्पना पुल पहुंची और अभियान शुरू किया। दूसरी टीम ने एसडीएम प्रत्यूष कुमार और सीओ डालनवाला जया बलूनी के नेतृत्व में निरंजनपुर मंडी से अतिक्रमण हटाना शुरू किया। विरोध और हंगामे की आशंका को देखते हुए दोनों स्थानों पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था। हालांकि दोनों ही स्थानों पर किसी तरह का विरोध नहीं हुआ। जेसीबी, ट्रैक्ट्रर ट्रॉली, डंपर, फायर ब्रिग्रेड वाहन और भारी पुलिस फोर्स के पहुंचते ही बहुत से लोगों ने खुद ही अपना अतिक्रमण तोड़ना शुरू कर दिया।

इस दौरान पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया, जिसके चलते दोनों तरफ जाम लग गया। एकाएक रूट डायवर्ट किए जाने से लोगों को परेशानी भी झेलनी पड़ी। विशेषकर रिस्पना पुल की तरफ से शहर में आने वालों को दिक्कत झेलनी पड़ी। अभियान के तहत हरिद्वार रोड पर 34 और सहारनपुर रोड पर 37 अतिक्रमण हटाए गए। आज भी दो टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेंगी।

चार टीमों ने किया चिह्निकरण

अतिक्रमण तोड़ने के अलावा चार टीमों ने अतिक्रमण भी चिह्नित किए। एक टीम ने हरिद्वार रोड, दूसरी ने सहारनपुर रोड, तीसरी ने राजपुर रोड और चौथी टीम ने चकराता रोड पर अतिक्रमण चिह्नित किए और लाल निशान लगाए। साथ ही अतिक्रमणकारियों को मौके पर ही नोटिस भी थमाया।

भइया! आखिर ये दीवार टूटती क्यों नहीं

भइया! आखिर ये दीवार टूटती क्यों नहीं एक टीवी विज्ञापन की यह पंक्ति बृहस्पतिवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान सबकी जुबान पर आ गई। दरअसल, अतिक्रमण कर एक इतनी मजबूत दीवार बनाई गई थी, जिसे दो जेसीबी भी करीब 15 मिनट तक मशक्कत करने के बावजूद तोड़ नहीं पाईं। इसके बाद दीवारों को छोड़कर अन्य अतिक्रमण ढहाए गए। बृहस्पतिवार को रिस्पना पुल के पास अभियान शुरू करने के बाद एक जेसीबी की मदद से तीन अतिक्रमण को ढहाया गया। इसके बाद एक निर्माणाधीन परिसर की दीवार तोड़ने को प्रयास किया, लेकिन जेसीबी से दीवार टूटी नहीं। इसके बाद दूसरी जेसीबी मंगवाई गई। दोनों जेसीबी करीब 15 मिनट तक प्रयास करने के बावजूद दीवार नहीं टूटी। टास्क फोर्स ने हर तरह से दीवार तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी।

इसके बाद टीम ने निर्माणाधीन परिसर तक पहुंचने के लिए नाली के ऊपर बनाए गए रैंप को तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह भी नहीं टूटा। जेसीबी की मदद से उसकी बुनियाद को तोड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन वह टस से मस नहीं हुई। इस प्रयास में सड़क का बड़ा हिस्सा और नाली जरूर टूट गई। इसके बाद टीम को अभियान रोकना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि ड्रिल मशीन और कटर की मदद से कंक्रीट की दीवार और रैंप तोड़कर अतिक्रमण हटाएंगे।