October 20, 2021 10:31 pm
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देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व के आगे झुकता था विपक्ष

atal bihari 1 देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व के आगे झुकता था विपक्ष

कवि,पत्रकार राजनेता, हरदिल अजीज,अटल बिहारी वाजपेयी की नाजुक तबियत

की खबर से देश का पत्ता-पत्ता आहात हो उठा है।

पूरा देश उनकी दीर्घायू की कामनाएं कर रहा है।

अटल बिहारी की नाजुक तबियत की खबर फैलते ही देश के लोगों में मानों संकट की लहर दौड़ गई है।

आपको बता दें कि इय समय अटल बिहारी बाजपेयी  AIIMS में जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं।

देश के प्रधानमंत्री  समें  कई  बड़ें नेता उनके हालचाल जानने के लिए AIIMS पहुंच रहे हैं।

 

देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व के आगे झुकता था विपक्ष
देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व के आगे झुकता था विपक्ष

 

डॉक्टर्स ने जारी किया अटल बिहारी वाजपेयी का मेडिकल बुलेटिन, तबीयत स्थिर

राजनीति के इस महानायक का जन्म 25 दिसंबर, 1924 को ग्वालियर (मध्यप्रदेश )  में हुआ था। अटल पहले 16 मई से 1 जून 1996 इसके बाद 19 मार्च 1998 से 22 मई 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। बाजपेयी हिन्दी कवि, पत्रकार व प्रखर वक्ता भी हैं।अटल विहारी बाजपेयी भारतीय जनसंघ की स्थापना करने वाले महापुरुषों में से एक हैं। और 1968 से 1973 तक जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे।

 अटल ने  राष्ट्रधर्म, पाञ्चजन्य ,वीर अर्जुन आदि राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत अनेक पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया

बाजपेयी जीवन भर भारतीय राजनीति में सक्रिय रहे। बाजपेयी ने बतौर पत्रकार लम्बे समय तक राष्ट्रधर्म, पाञ्चजन्य और वीर अर्जुन आदि राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत अनेक पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया। त्याग और बलिदान से ओत-प्रोत विचारों वाले बाजपेयी ने अपना जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक के रूप में आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेकर प्रारम्भ किया था। अटल ने देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचने तक उस संकल्प को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से बखूबी निभाया भी।

वाजपेयी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के पहले प्रधानमन्त्री थे

कुशल नेतृत्व वाले वाजपेयी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के पहले प्रधानमन्त्री थे,जिन्होंने गैर कांग्रेसी प्रधानमन्त्री पद के 5 साल बिना किसी समस्या के पूरे किए। आपको बता दें कि 24 दलों के गठबंधन से सरकार बनाई थी जिसमें 81 मन्त्री थे। कभी किसी दल ने आनाकानी नहीं की। इससे उनकी नेतृत्व क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

विरोधी अटल के बारे में कहते थे कि बीजेपी पार्टी बुरी है पर बाजपेयी जी बहुत ही अच्छे नेता हैं

वहीं अटल के विचारो से उनके राजनीतिक विरोधी भी उनको सम्मान करते थे।और उनके विचारों से प्रेरित भी होते थे।कई मौंकों पर अटल जी को विदेशो में भारत की अगुआई करने के लिए विपक्ष सरकार ने उन्हें चुना गया। और अटल ने भी पुरजोर तरीके से देश का पक्ष विदेशों में रखा।कई बार विरोधी अटल के बारे में कहते थे कि बीजेपी पार्टी बुरी है पर बाजपेयी जी बहुत ही अच्छे नेता हैं।

maheshkumar 2 2 देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व के आगे झुकता था विपक्ष

महेश कुमार यदुवंशी 

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