January 26, 2022 2:19 pm
featured देश यूपी राज्य

अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर चारों तरफ से घिरी मोदी सरकार, प्रियंका गांधी ने लगाया ये आरोप

PRIYANKAGANDHI अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर चारों तरफ से घिरी मोदी सरकार, प्रियंका गांधी ने लगाया ये आरोप

नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर चारों तरफ से घिरती जा रही है। एक तरफ जहां उसे अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जूझना पड़ रहा है वहीं सहयोगी और विपक्षी दलों के नेता भी मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। कांग्रेस के साथ ही बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी सरकार की नीतियों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। 

बहरहाल, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने अर्थव्यवस्था को मुद्दा बनाते हुए मोदी सरकार पर बड़ा हमला किया है। प्रियंका गांधी ने कहा कि GDP विकास दर से साफ है कि अच्छे दिन का भोंपू बजाने वाली बीजेपी सरकार ने अर्थव्यवस्था की हालत पंचर कर दी है। न GDP ग्रोथ है न रुपये की मजबूती. रोजगार गायब हैं। अब तो साफ करो कि अर्थव्यवस्था को नष्ट कर देने की ये किसकी करतूत है?

बता दें कि आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार को जबरदस्त झटका लगा है। विकास दर सात साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंच चुकी है। मौजूदा वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी 5 फीसदी पर पहुंच चुकी है जबकि पिछले यह 5.8 फीसदी पर था। गिरते विकास दर को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा है और 5 फीसदी के आंकड़े पर भी सवाल उठाए हैं।

असल में, देश को आर्थिक मोर्चे पर बड़ा झटका लगा है। आर्थिक वृद्धि दर 2019-20 की पहली तिमाही में घटकर सिर्फ पांच प्रतिशत रह गयी है। मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन और कृषि सेक्टर के आंकड़े काफी परेशान करने वाले हैं। जीडीपी की हालत पिछले सात सालों में सबसे खराब स्थिति में पहुंच गई है। एक साल पहले इसी तिमाही में जीडीपी 8 फीसदी थी। मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन और कृषि सेक्टर की हालत खराब बताई जा रही है। सवाल है कि पांच साल में कैसे बनेगी 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनोमी?

NSO के जारी आंकड़ों के अनुसार पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून में विकास दर 5.8 फीसदी से घटकर 5 फीसदी हो गई है। पहले चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी 7 फीसदी रहने का अनुमान रखा गया था। एक साल पहले इसी तिमाही में जीडीपी की दर 8 फीसदी थी। यानी एक साल में पूरे तीन फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पिछले वित्त वर्ष (2018-19)  के 12.1 फीसदी की तुलना में महज 0.6 फीसदी की दर से आगे बढ़ सका है। वहीं एग्रीकल्चर और फिशिंग सेक्टर पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के 5.1 फीसदी की तुलना में 2 फीसदी की दर से आगे बढ़ा है। अगर कंस्ट्रक्शन सेक्टर की बात करें तो यहां 5.7 फीसदी की तेजी रही, जो पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के 9.6 फीसदी की तुलना में 3 फीसदी से अधिक गिरावट है।

फाइनेंशियल, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विसेज पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के 6.5 फीसदी की तुलना में 5.9 फीसदी की दर से आगे बढ़ा है। इलेक्ट्रिसिटी, गैस, वाटर सप्लाई समेत अन्यज सेक्टर में मामूली तेजी देखने को मिली है। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के 6.7 फीसदी के मुकाबले इस तिमाही में इस सेक्टर की विकास दर 8.6 है।

Related posts

पीएम मोदी 3 जनवरी को जालंधर में 106वें ISC-2019 का उद्घाटन करेंगे

mahesh yadav

श्रीनगर दौरे पर अरूण जेटली, घाटी के हालातों की करेंगे समीक्षा

kumari ashu

Breaking News