अब कॉलेज के छात्र रोकेंगे बौद्धिक संपदा चोरी

नई दिल्ली। बौद्धिक संपदा (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज़) को लेकर अब केंद्र सरकार सजग हो गई है। इस क्षेत्र में बढ़ती चोरी और जालसाजी की घटनाओं को देखते हुए सरकार ने इस अभियान में अब कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को शामिल करने का फैसला किया है। इसके लिए केंद्र सरकार के औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग (डीआईपीपी) के अंतर्गत आईपीआर प्रोत्साहन और प्रबंधन प्रकोष्ठ (सीआईपीएएम) ने एसोचैम और इरिक्सन, भारत के सहयोग से महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए अपने आप में अनोखी बौद्धिक संपदा (आईपी) प्रतियोगिता ‘आई पी रिस्म’ का शुभारंभ किया है।

pm modi
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बता दें कि इस प्रतियोगिता के अंतर्गत छात्रों से 30 और 60 सेकेंड की दो श्रेणियों में चोरी और जालसाजी पर फिल्म बनाने के आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस प्रतियोगिता की एक अन्य श्रेणी में बौद्धिक संपदा पर मोबाइल गेमिंग एप भी है। प्रतियोगिता के लिए 31 मार्च 2018 तक आवेदन भेजे जा सकते हैं। प्रतियोगिता में विजेता दल को 4 लाख रुपये के नकद पुरस्कार के साथ स्मृति चिन्ह, प्रमाण पत्र और सीआईपीएएम की अधिकारिक वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाएगा। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य युवा पीढ़ी में नवप्रवर्तन और रचनात्मकता की संस्कृति को बढ़ावा देना है। यह युवा सर्जकों को राष्ट्रीय स्तर पर उनकी रचनाओं को पहचान दिलाने का एक अनोखा अवसर प्रदान करेगा।

वहीं जालसाजी और चोरी उद्योगों को भारी नुकसान का कारण है और ग्राहकों को इससे गंभीर सुरक्षा संबधी खतरा है। सामाजिक एवं आर्थिक प्रभावों के बारे में सीमित ज्ञान होने की वजह से नकली सामग्री और नकली सामान का संचार और उपभोग होता है और इस संबंध में जागरुकता फैलाने से इस पर रोक लगाने में सहायता मिलेगी।
देश में आईपी इको प्रणाली की रचना करने के लिए राष्ट्रीय आईपीआर नीति को 12 मई 2016 को अपनाया गया था। इस नीति का प्रथम एवं मुख्य उद्देश्य पहुंच वाले और प्रगतिशील कार्यकलापों के माध्यम से आईपीआर जागरुकता को उत्पन्न करना है। डीआईपीपी के अंतर्गत एक व्यवसायिक अंग सीआईपीएएम बहुत से कार्यों से सक्रिय रूप जुड़ा हुआ है, जिसमें राष्ट्रव्यापी जागरुकता अभियान शामिल है।