अमृतसर हादसे में रेलवे की कोई चूक नहीं: रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा

नई दिल्ली : रविवार को धीना में एक कार्यक्रम में रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने अमृतसर ट्रेन हादसे में रेलवे की चूक होने की बात से साफ़तौर पर इंकार किया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन सक्रिय होता तो इसे टाला जा सकता था।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही बात

रेल राज्य मंत्री सकलडीहा और धीना रेलवे स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज का शिलान्यास करने से पहले पीडीडीयू जंक्शन पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अमृतसर आयुक्त के अनुसार रावण दहन कार्यक्रम की कोई अनुमति नहीं ली गई थी। ऐसे में प्रशासन ने यदि सावधानी बरती होती तो यह घटना नहीं होती।

वहीं इस कार्यक्रम की जानकारी रेलवे को नहीं थी। यदि रेलवे को जानकारी होती तो शायद यह हादसा नहीं होता। कहा कि इस पर बिना वजह राजनीति नहीं होनी चाहिए। कहा कि यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिए रेलवे प्रयास कर रहा है।

विपक्ष पर किया वार

इस दौरान मनोज सिन्हा ने विकास कार्यों पर कहा कि पिछली सरकार ने रेलवे के विकास पर एक साल में सिर्फ 48 हजार करोड़ रुपये खर्च किया था, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर साल 1.48 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं। इसके अलावा रेल राज्य मंत्री ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए बक्सर से वाराणसी तक नई मेमू ट्रेन चलाई जाएगी। इससे वाराणसी से बक्सर तक रोजाना आने जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। समय के साथ लोगों का किराया भी बचेगा।

आपको बता दें कि दशहरा के दिन अमृतसर की एक जगह में रावण दहन का प्रोगाम रखा गया था जहां रावण दहन देखने के लिए काफी भीड़ एकत्रित हो गई थी.उसी भीड का कुछ हिस्सा रेलवे ट्रैक पर खडा होकर रावण दहन देख रहा था। तभी उसी रेलवे ट्रैक से एक ट्रेन की चपेट में आने से 59 लोगों की मौत हो गई। जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए।