केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने किया स्मृति ग्रंथ का विमोचन

जयपुर। केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को अखिल भारतीय समन्वय संस्थान की ओर से कार्यक्रम में मुकुंदराव आत्माराम पणशीकर स्मृति ग्रन्थ का विमोचन किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, शरद राव ढोले, धर्म जागरण के अखिल भारतीय विधि निधि प्रमुख रामप्रसाद, परिवहन मंत्री यूनुस खान भी मौजूद थे।

भारत की सांस्कृतिक पहचान: चुनौतियां एवं सभावनाएं विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय सडक़ निर्माण एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि हमारे इतिहास में संस्कृति की झलक मिलती है। संस्कृति से ही संस्कार मिलते हैं और संस्कार व्यक्तित्व को दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारें धर्म निरपेक्ष हो सकती है, लेकिन व्यक्ति धर्म निरपेक्ष नहीं हो सकता है। हमारे देश ने दुनिया को आयुर्वेद और योग विज्ञान की राह दिखाई है।

संस्कृति, इतिहास और विरासत के रूप में हमें बहुत बड़ी सम्पदा मिली है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण हमारी परिवार दृष्टि है। मूल्य दृष्टि और संस्कार पर ही परिवार चलता है। संस्कृति से ही हमें संस्कार मिलते हैं। सत्ता और सम्पति के आधार पर कभी सुख नहीं मिल सकता। राष्ट्र निर्माण सत्ता नहीं समाज परिवर्तन से होगा। सत्ता में अच्छे लोगों का रहना समाज के लिए आवश्यक है। अपना संस्मरण सुनाते हुए गडकरी ने बताया कि इंग्लैण्ड में यूनीलीवर के मुख्यालय को देखकर उन्हें हंसी आ गई। लोगों ने पूछा कि ऐसा क्यों तो उन्होंने बताया कि यूनीलीवर की तो बाबा रामदेव हालत खराब कर रहें हैं।

उन्होंने कहा कि मुकुंदराव पणशीकर का पूरा जीवन प्रेरणादायी रहा है। महाराष्ट्र के कोन- कोने में संघ काम खड़ा करने में उनका बड़ा योगदान है। इसके बाद जब धर्म जागरण की उन्हें जिम्मेदार मिली तो शबरी महाकुंभ जैसा भव्य आयोजन और अंसभव काम को भी उन्होंने कर दिखाया। उनकी स्मृति में प्रकाशित ग्रंथ से भावी पीढ़ी को प्रेरणा मिलती रहेगी।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि हमारी संस्कृति की पहचान के लिए वंशावली का निर्माण सदियों से हो रहा है। इसके संवर्द्धन और विकास के लिए राज्य में जल्द ही एकेडमी की स्थापना होगी, जिसमें लोग अपनी वंशावली जानने के साथ ही शोध कार्य भी कर सकेंगे। मैं वंशावली के कार्यक्रम को आगे ले जाना चाहती हूं। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति की वजह से ही एक ही परिवार में अनेक विचारधारा के लोग एक साथ रहते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि परिवार में प्रेम के साथ समानता भी जरूरी है, समाज को बदलना है तो युवाओं को हमारी संस्कृति को ड्यूटी के रूप में जानना चाहिए।

पणशीकर के स्मृति ग्रंथ का विमोचन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के धर्मजागरण समन्वय विभाग के मार्गदर्शन में अखिल भारतीय संस्कृ ति समन्वय संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसवेक संघ के प्रचारक एवं अखिल भारतीय धर्मजागरण प्रमुख मुकुंदराव आत्माराम पणशीकर के स्मृति ग्रन्थ का विमोचन किया गया।

कार्यक्रम के मुय वक्ता धर्म जागरण समन्वय विभाग के अखिल भारतीय प्रमुख शरदराव ढोले ने कहा कि राजस्थानों में चारण व भाट के कारण लोगों को अपने वंश तथा वंशावली का पता है। इसके कारण यहां वंशावली संवर्द्धन का मुख्यालय बनाया गया है। वंशावली से मिली जानकारी के बाद ही देश में 50 जातियों के लोग वापस हिंदू बनने जा रहें हैं। स्वामी विवेकानंद से जुडे संस्मरणों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने दुनिया को हिन्दुत्व की जानकारी दी थी। मिशनरीज को सभी देशों में सिस्टर कहा जाता है किन्तु भारत में मदर टेरेसा को मदर का दर्जा दिया गया यह हमारी संस्कृति का जीता जागता उदाहरण है।

धर्मजागरण समन्वय के अखिल भारतीय विधि- निधि प्रमुख रामप्रसाद ने कहा कि देश में मतान्तरण का दौर चल रहा है। इसे रोकने के लिए जनजागरण की आवश्यकता है। देश में अनेक स्थानों पर मतान्तरण किया जा रहा है, यह गलत होने के बावजूद नहीं रोका जा रहा है। उन्होंने विधानसभा के निकट कठपुतली नगर का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर इसकी जांच की जाए तो सब पता चल जाएगा। उन्होंने बताया कि मतान्तरण के लिए विदेशों से धन आ रहा है।