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नीरव मोदी को किया जाएगा प्रत्यर्पित, लंदन की कोर्ट ने दी मंजूरी

nirav modi

नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपी और भगोड़ा कारोबारी नीरव मोदी की याचिका को लंदन की कोर्ट ने खारिज कर दिया। लंदन की कोर्ट ने भगोड़ा और घोटालेबाज नीरव मोदी को भारत को प्रत्यर्पित करने की मंजूरी दे दी। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि, भारत की न्यायपालिका निष्पक्ष है।

नीरव मोदी की दलील खारिज

कोर्ट ने कहा कि, नीरव मोदी का मामला प्रत्यर्पण कानून के सेक्शन 137 की अपेक्षाओं को पूरा करता है। प्रत्यर्पण से बचने के लिए नीरव मोदी की तरफ से भारत में सरकारी दबाव, मीडिया ट्रायल और अदालतों की कमज़ोर स्थिति को लेकर दी गई दलीलों को वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने खारिज कर दिया। अदालत ने आर्थर रोड के बैरक 12 में नीरव मोदी को रखे जाने के बारे में दिये गए आश्वासनों को भी संतोषजनक बताया।

फैसले के खिलाफ अपील का मौका

कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि इस बात के कोई सबूत नहीं है कि अगर उन्हे भारत प्रत्यर्पित किया जाता तो उनके साथ न्याय नहीं होता। भारत की न्याय पालिका निष्पक्ष है। साथ ही कोर्ट ने मानसिक सेहत को लेकर लगाई गई याचिका को भी ठुकरा दिया है। इसके अलावा कोर्ट ने प्रत्यर्पण का आदेश देते हुए नीरव को फैसले के खिलाफ अपील करने की इजाजत भी दी है।

नीरव मोदी के पास ये है रास्त?

कोर्ट के फैसले के बाद से नीरव मोदी को भारत लाने का रास्त साफ हो गया है। हालांकि उसे तुरंत भारत लाने की संभावना नहीं दिख रही है। कोर्ट के फैसले के बाद नीरव मोदी के पास ऊपरी अदालत में जाने का रास्ता है। नीरव मोदी फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर सकता है। लेकिन इसके लिए नीरव मोदी के पास सिर्फ 28 दिन का समय है। हाईकोर्ट के झटका लगने के बाद भी उसके पास एक और विकल्प बचता है। वह मानवाधिकार कोर्ट भी जा सकता है।

नीरव मोदी पर ये आरोप है?

नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से करीब दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी करने का आरोप है। हीरा कारोबारी नीरव मोदी मामला सुर्खियों में आने के बाद जनवरी 2018 में भारत छोड़कर फरार हो गया था। जिसके बाद से भारत सरकार ने नीरव मोदी को प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया शुरू की थी। फिलहाल अभी नीरव मोदी लंदन की एक जेल में बंद है।

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