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मसूद अजहर और उसके भाई अब्दुल राउफ सहित 19 लोग आरोपी बनाए

भारत खबर ,जम्मू कश्मीर- राजेश विद्यार्थी

पुलवामा हमले में 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश

जम्मू कश्मीर
कड़ी सुरक्षा के बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी ‘एनआईए‘ ने पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को आत्मघाती हमले की जम्मू की एनआई कोर्ट मेे  जैश ए मोहम्मद के कमांडर मौलाना मसूद अजहर, उसका भाई अब्दुल राउफ असगर और नौ अन्य आतंकियों के खिलाफ आज चार्जशीट पेश की। 14 फरवरी 2019 में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला करने के मामले की एनआईए जांच कर रही थी। सीआरपीएफ के जवान 78 बसों में सवार होकर दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब जम्मू श्रीनगर हाईवे पर लठपोरा के नजदीकपहुंचे और एक अज्ञात वाहन 350 किलो विस्फोटक सामग्री के साथ कानवाई में घुस गया और बसों को टक्कर मार दी। विस्फोट हुआ और जवान शहीद हो गए। इसके बाद पूरे क्षे़़त्र को सुरक्षा बलों ने घेर लिया और घायल जवानों को अस्पताल पहुंचाया।

केवल 4  अधिकारी पहुंचे कोर्ट

imageजम्मू। अतिरिक्त जिला एवं स़त्र न्यायाधीश
यशपाल बाउरनी की अदालत में एनआईए की अधिकारियों की टीम दोपइर 3 बजे के करीब पहुंची। अटकलें लगाई जा रही थी कि कोर्ट में नौ आरोपियों को भी पेश किया जाएगा। लेकिन कोरोना महामारी और सुरक्षा कारणों से आरोपियों को कोर्ट में नहीं लाया गया
अधिकारियों ने ही कोर्ट में चालान पेश किया। ऐसा पहली बार हुआ है जब आरोपियों को एनआईए कोर्ट में पेश नहीं किया गया। चार्ज शीट एक ट्रंक में लाई गई और उसे एनआईए के जवानों ने कोर्ट के भीतर पहुंचाया।

 13,800 पन्नों की है चार्जशीट

जम्मू। 13,800 पन्नों की चार्जशीट  में पाकिस्तान में मौजूद मौलाना मजहूर अजहर को मुख्य साजिशकर्ता बनाया गया है।
पाकिस्तान और कश्मीर से पकड़े गए एक महिला सहित नौ लोग शकीर बशीर मागरे, मोहम्मद अब्बास राथर, मोहम्मद इकबाल राथर, वैज उल इस्लाम, इंशा जान, तारिक अहमद शाह, बिलाल अहमद कुच्चे को हमले के लिए सहयोग करने का आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट में बताया गया है कि जैश ए मोहम्मद एरिया कमांडर मुद्दसर खान और आदिल अहमद को मौलाना मसूद अजहर से पाकिस्तान से भेजे गए आतंकी मोहम्मद उमर फारूक को कश्मीर में भेजा और सीआरपीएफ पर हमले की साजिश रची गई। सभी हमले के दौरान मुठभेड़ में मारे गए और इन तीनों का नाम चार्जशीट में नहीं दर्ज किया गया है।

कंधार में छोडा गया था मसूद अजहर
जम्मू। जैश ए मोहम्मद के चीफ मौलाना मसूद अजहर और तीन अन्य आतंकियों को वर्ष 1999 में कंधार में रिहा किया गया था। भारतीय हवाई जहाज आईसी-814 में सवार 155 यात्रियों को आतंकियों ने अगवा कर लिया था। पाकिस्तान में जहाज में इंधन भराने के बाद आतंकी जहाज को कंधार ले गए। पाकिस्तान पंजाब बहालपुर निवासी 52 वर्षीय मौलाना मसूद अजहर ने हरकत उल अंसार, हरकत उल मुजाहिदीन आतंकी संगठन का भी गठन किया था। कश्मीर से उसे 1994 में पकड़ा गया था और उसने भारत में संसद हमला, पठानकोट एयरबेस पर हमला व अन्य कई बड़े हमलों की साजिश रची थी। यात्रियों को छुड़ाने के लिए मौलाना मसूद अजहर को जम्मू की कोट भलवाल जेल से कंधार ले जाया गया था।

आत्मघाती हमले में 40 जवान हुए थे शहीद

जम्मू। पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा प्रायोजित इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों की मौत हो गई थी। सीआरपीएफ की कानवाई पर लठपोरा पुलवामा कश्मीर में हमला हुआ। विस्फोटक सामग्री से लदी एक गाड़ी सीआरपीएफ की कानवाई में घूस गई और विस्फोट से जवान शहीद हो गए। पुलवामा के स्थानीय आतंकी आदिल मोहम्मद डार भी इस विस्फोट में मारा गया। आदिल को घरवालों ने मार्च 2018 में अंतिम बार देखा था जब वह एक साइकिल लेकर घर से बाहर निकला था। उसके बाद विस्फोट  में  मरने की सूचना मिली। आदिल को सुरक्षा बलों ने 2016 से 2018 तक कई बार पकड़ा और बिना किसी आरोपों के छोड़ दिया गया।

सुरक्षा बलों ने ढे़र किए थे दो आतंकी

जम्मू। सेना की 26 आरआर ने पुख्ता सूचना के आधार पर पुलवामा में एक घर को घेरा और जैश ए मोहम्मद का एक आतंकी अब्दुल रशीद गाजी उर्फ कामरान और हिलाल राथर को मार गिराया। कामान पाक नागरिक है और उन्हें समर्थन देने के आरोप में दो लोगों को भी सेना ने हिरासत में लिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करारा जवाब दिया

जम्मू। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीआरपीएफ के जवानों की शहादत को बेकार नहीं जाने देने का एलान किया। प्रधानमंत्री ने कहा इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। एक-एक सैनिक की शहादत का बदला लिया जाएगा। भारत ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवरेट नेशन का खिताफ वापस ले लिया और पाकिस्तान से आने वाले सामान पर 200 फीसदी ड्यूटी बढ़ा दी। कई अंतर राष्ट्रीय वित्त संगठनों ने भी पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट कर दिया। कूटनीति तरीके से पाक दुनिया से अलग थलग पड़ गया।

इमरान खान ने हमले की साजिश से इंकार किया
जम्मू। जम्मू से श्रीनगर जा रहे करीब 78 गाड़ियों में 25 सौ सीआरपीएफ के जवानों की कानवाई पर हमले की जिम्मेदारी जैश ए मोहम्मद ने ली थी। जैश ए मोहम्मद आतंकी संगठन सीमा पार पाकिस्तान से आपरेट करता है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस हमले में पाकिस्तान का हाथ होने से इंकार किया था और भारत से सबूत पेश करने के लिए कहा था। पुख्ता सबूतों के बाद भी पाकिस्तान ने जैश ए मोहम्मद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

पाक ने लीपापोती के लिए पकड़े 44 संदिग्ध

जम्मू। भारत ने हमले की जांच के बाद पाकिस्तान को डोजीयर सौंपी। एनआईए के डीआईजी स्तर के एक अधिकारी के नेतृत्व में 12 सदसीय टीम ने पूरे केस की जांच की। पाकिस्तान ने डोजीयर मिलने के बाद 44 संदिग्ध लोगों को पकड़ा। पकड़े गए लोगों में जैश ए मोहम्मद के चीफ मौलाना अजहर मसूद, उसके बेटे हमद अजहर और भाई अब्दुल राउफ को भी पकड़ा। कुछ दिनों बाद सभी संदिग्ध रिहा कर दिए। पाकिस्तान ने इस हमले में एक बार फिर से उसका हाथ होने से इंकार किया।

बालाकोट में सर्जिकल स्ट्राइक से लिया शहीदों का बदला

जम्मू। भारत ने 26 फरवरी 2019 को पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी ट्रेनिंग कैंपों 12 मिराज 2000 से बालाकोट पर हमला किया और करीब 300-350 आतंकी मार गिराए। ट्रेनिंग कैंपों का भी काफी नुकसान हुआ। हालांकि पाकिस्तान ने सर्जिकल स्ट्राइक और नुकसान का शुरू में इंकार किया। इस हमले को लेकर देश में राजनीति भी काफी गरमा गई थी। भारतीय सेना के कुछ जवानों ने भी जैश ए मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर हमला किया।

पायलट अभिनंदन को पाक में पकड़ा, रिहा

जम्मू। एयरफोर्स द्वारा बालाकोट हमले में मिग 19 के एक पायलट अभिनंदन वर्धमन को पाक अधिकृत कश्मीर के लोगों ने पकड़ा और उसे पाक सेना के हवाले कर दिया। पाकिस्तान ने एक मार्च को इस पायलट को बाघा बार्डर से भारतीय सेना को सौंप दिया।अभिनंदन को पाक सेना ने काफी यातनाएं दी थी।

 

 

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