दो दिवसीय बंगाल दौरे पर मुख्‍यमंत्री योगी, जानिए चार अप्रैल का पूरा कार्यक्रम

लखनऊ: भ्रष्टाचार के मामलों में ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक नया कीर्तिमान रचा है। उन्होंने देश में जेम पोर्टल से सरकारी खरीद का नया रेकॉर्ड बनाया है। उन्होंने गुजरात समेत दिल्ली और महाराष्ट्र को भी पीछे छोड़ दिया है।

खरीद में भ्रष्टाचार पर लगी रोक

इससे सरकार खरीद में होने वाले भ्रष्टाचार पर अब रोक लगा दी है। इसी के साथ सीएम योगी ने सरकारी खरीद में होने वाले करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार पर रोक लगा दी है।

इस मामले में उन्होंने गुजरात और दिल्ली के अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, उड़ीसा राज्य को काफी पीछे छोड़ दिया है। यूपी के विभिन्न विभागों ने इस साल 9442 करोड़ रुपए से ज्यादा की खरीदारी की गई है।

बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की सत्ता संभालते ही सबसे पहले सभी विभागों में भ्रष्टाचार को खत्म करने की ठानी थी। इसलिए लिए उन्होंने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई थी।

उसी के तहत सीएम ने जेम पोर्टल को प्रभारी रूप से क्रियाशील करने और विभागीय खरीद को भ्रष्टाचार मुक्त करने का आदेश जारी किया था। इस पोर्टल के माध्यम से सवा दो लाख लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है।

केंद्र सरकार ने दो बार दिया अवार्ड

योगी सरकार के काम करने के तरीके से प्रभावित होकर केंद्र सरकार ने यूपी को दो बार अवार्ड से नवाजा है। एक बार 2018 में ये अवार्ड मिला तो दूसरी बार प्रदेश को 2019 में ये अवार्ड मिला है।

2018 में जहां बेस्ट बायर का अवार्ड मिला था तो 2019 में यूपी को सुपर बायर अवार्ड दिया गया। बता दें कि प्रदेश के विभिन्न विभागों ने 2017-18 में 602 करोड़ तो वहीं वित्तीय साल 2018-19 में 1674 और वित्तीय साल 2019-20 में 2401 करोड़ तो 2020-21 में 4675 करोड़ रुपए की खरीदारी की थी।

भ्रष्टाचार पर लगी रोक

मामले पर जानकारी देते हुए एसएसएमई के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि केंद्र सरकार के जेम पोर्टल के माध्यम से भ्रष्टाचार में रोक लगी है।

इसके साथ ही विभागीय खरीदारी में पारदर्शिता, गुणवत्ता और मितव्ययिता को प्रथम तरजीह दी जा रही है। इसकी वजह से आज इस सरकारी पोर्ट पर 12,232 सरकारी खरीदार हैं वहीं एक लाख 23 हजार 697 विक्रेता हैं, इन्होंन् विगत 4 सालों में देश में सबसे अधिक 9442 करोड़ रुपए की खरीददारी की है।

क्या है जेम पोर्टल

केंद्र सरकार ने सार्वजनिक ख़रीददारी पर ध्यान देने के लिए सचिवों के समूह के अनुमोदन के परिणाम स्वरूप सरकारी ई-बाजार या ई-मार्केटप्लेस की स्थापना की है।

इस पोर्टल के माध्यम से सरकारी विभागों के अधिकारी आवश्यक सामान्य उपयोग की वस्तुओं और सेवाओं की ऑनलाइन डिजिटली खरीददारी कर सकते हैं। जेम पोर्टल एक ऐसा माध्यम है, जहां पर 70 हजार से ज्यादा विक्रेता रजिस्टर्ड हैं। इन विक्रेताओं के हजारों उत्पाद भी निर्धारित कीमत और मानक के अनुसार मौजूद हैं।

ये है विभिन्न राज्यों की पोजीशन

यूपी                      9442

गुजरात                 4030

दिल्ली                  3145

मध्य प्रदेश            3084

महाराष्ट्र                2545

बिहार                    1992

छत्तीसगढ़             1992

उड़ीसा                   1261

जम्मू एंड कश्मीर    1239

आंध्र प्रदेश              1129

पंजाब                    1098

चंडीगढ़                  921

कर्नाटक                843

(नोट- सभी आंकड़े करोड़ों में हैं और पिछले 4 सालों पर बेस्ड हैं)

धर्मांतरण पर पूरी तरह से रोक और लव जिहाद रोकने के लिए बनेगी योजना

Previous article

स्वास्थ्य महानिदेशक भी हुए कोरोना पाज़िटिव, मेदांता के निदेशक भी चपेट में

Next article

You may also like

Comments

Comments are closed.

More in featured