September 22, 2021 9:18 pm
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रचेंगे इतिहास: 75 साल के इतिहास में पहली बार करेंगे UNSC मीटिंग की अध्यक्षता

modi प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रचेंगे इतिहास: 75 साल के इतिहास में पहली बार करेंगे UNSC मीटिंग की अध्यक्षता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसी के साथ ऐसा करने वाले वह भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे। इसी के साथ वह इसका इतिहास भी रचेंगे।

वर्चुअल तरीके से होगी मीटिंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मीटिंग की अध्यक्षता वर्चुअल तरीके से करेंगे। इस दौरान वह समुद्री सुरक्षा पर एक ओपन डिस्कशन की अध्यक्षता भी करेंगे। इस मीटिंग में कई अहम और बड़े फैसले लिए जा सकतें हैं।

75 सालों में हुआ पहली बार

यूनाइटेड नेशन में भारत के पूर्व राजदूत सैयद अकबरुद्दीन की माने तो ऐसा 75 साल में पहली बार हो रहा है जब भारत का कोई प्रधानमंत्री UNSC मीटिंग की अध्यक्षता करेगा। हलांकि 1 अगस्त को ही भारत के पास UNSC की अध्यक्षता आई है। पूरे अगस्त महीने तक भारत UNSC का अध्यक्ष रहेगा।

क्या है UNSC ?

UNSC यूनाइ़टेड नेशंस के 6 प्रमुख अंगों में से एक है। इसका काम दुनियाभर में शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देकर देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को बढ़ाना है। गौरतलब है कि 20वीं सदी के शुरुआती 5 दशकों में ही दुनिया ने दो विश्वयुद्धों का भीषण युद्व देखा था। जिसमें काफी नुकसान हुआ था। पूरी दुनिया में अशांति का माहौल था। जिसके बाद एक ऐसी संस्था की मांग उठने लगी थी जो देशों के बीच शांति और सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में काम करे। इसी के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थापना हुई।

इस दिन हुई थी पहली बैठक

मिली जानकरी के अनुसार सुरक्षा परिषद की पहली बैठक 17 जनवरी 1946 को हुई थी। गठन के समय सुरक्षा परिषद में 11 सदस्य थे जिसे 1965 में बढ़ाकर 15 कर दिया गया है।

इस देश के हैं सुरक्षा परिषद के सदस्य

सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य देश हैं, जिन्हें स्थायी और अस्थायी सदस्यता दी गई है। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन 5 स्थायी सदस्य हैं। स्थायी सदस्यों के पास वीटो पावर होता है। स्थायी सदस्य इसका इस्तेमाल कर किसी भी प्रस्ताव को पास होने से रोक सकते हैं। इनके अलावा सुरक्षा परिषद में 10 अस्थायी सदस्य होते हैं। इन अस्थायी सदस्यों का चयन क्षेत्रीय आधार पर किया जाता है। अफ्रीका और एशियाई देशों से 5, पूर्वी यूरोपीय देशों से 1, लेटिन अमेरिकी और कैरिबियाई देशों से 2 और पश्चिमी यूरोपीय और अन्य 2 देशों का चयन किया जाता है।

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