यूपी सरकार का बड़ा फैसला, छह और जिलों को कोरोना कर्फ्यू में मिलेगी छूट  

कोरोना की दूसरी लहर कमजोर पड़ने के बाद हिल स्टेशन, बाजार, मॉल और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को खत लिखकर निर्देश दिए हैं, कि कोरोना से संबंधित नियम जहां टूटे वहां पर फिर से पाबंदियां लगा दी जाए।

सभी राज्यों को दिए गए निर्देश

केंद्रीय गृह सचिव की ओर से सभी राज्यों को पत्र में कहा गया कि नियमों का कड़ाई से पालन कराने की जिम्मेदारी जिला स्तर व संबंधित अधिकारी पर है। जिम्मेदारी पूरी तरह से निभाई जाए,जिन स्थानों पर कोरोना नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। वहां फिर से लॉकडाउन लगा दिया जाए।

धीरे-धीरे गतिविधियां शुरू करने की इजाजत

गृह मंत्रालय ने एक्टिव केस में गिरावट के साथ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को धीरे-धीरे गतिविधियां शुरू करने की इजाजत दी थी। गृह मंत्रालय के पत्र में लिखा गया है कि कुछ राज्यों में R फैक्टर यानी एक संक्रमित से दूसरे में कोरोना फैलने की तादाद में बढ़ोतरी चिंता की बात है।

अगर कोरोना के 1 फीसदी से ज्यादा केस बढ़ते हैं, तो यह संकेत है कि कोरोना के मामले तेजी से फैल रहे हैं। इसलिए जरूरी है कि सभी भीड़ वाले स्थानों पर कोरोना नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए।

राज्यों में R रेट में बढ़ोतरी

वहीं कुछ राज्यों में R रेट में बढ़ोतरी हुई है। महाराष्ट्र में ये जून अंत में 0.79 से बढ़कर 0.89 हो गया।  ताजा आंकड़े बताते हैं कि वहां पर यह 1 है। इस महीने की शुरुआत में केरल में भी R नंबर 1 से ऊपर पहुंच गया था। मणिपुर में भी 1 के पार है और राष्ट्रीय स्तर पर 0.95 है।

जानें क्या है R फैक्टर ?

दरअसल अगर R फैक्टर 1 से कम है यानी 0.75 है तो इसका मतलब है कि 10 संक्रमित लोग 8 लोगों को बीमार कर सकते हैं। बदले में वो 8 लोग 6 और को बीमार कर सकते हैं। और वह 6 अगले 5 को बीमार कर सकते हैं। यानी कि 1 से कम R फैक्टर ऐसी स्थिति है जब टेंशन कम रहेगी।

मिशन 2022: योगी सरकार के खिलाफ प्रियंका गांधी ऐसे खोलेंगी मोर्चा

Previous article

अल्मोड़ा: रोजगार को लेकर सांसद अजय टम्टा ने दिया बड़ा बयान

Next article

You may also like

Comments

Comments are closed.

More in featured