January 28, 2022 10:45 am
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ICMR की स्टडी में बड़ा खुलासा, कोविशील्ड की डोज के बावजूद एंटीबॉडी नहीं !

वैक्सीन

ICMR की कस्टडी में सामने आया है कि कोविशील्ड वैक्सीन की दोनों डोज लेने वालों के 16.1% सैंपल में डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ एंटीबॉडी नहीं दिखी। वहीं एक डोज लेने वाले 58.1% लोगों में एंटीबॉडी नहीं थी।

एंटीबॉडी नहीं दिखना समस्या नहीं

हालांकि वेल्लोर स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज के पूर्व हेड ने कहा कि एंटीबॉडी नहीं दिखना और एंटीबॉडी नहीं होना दोनों एक ही बात नहीं है। हो सकता है कि एंटीबॉडी हो लेकिन वह इतनी कम हो कि उसे डिटेक्ट कर पाना मुश्किल हो। लेकिन उसके बावजूद वह गंभीर संक्रमण से बचा सकता है।

कोविशील्ड के बूस्टर डोज की जरूरत पड़ेगी ?

रिपोर्ट के मुताबिक ये पता चलता है कि भारत में कुछ लोगों को कोविशील्ड के बूस्टर डोज की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन जो कोरोना से ठीक हो चुके हैं, उनके लिए एक ही डोज काफी है।

B1 वैरिएंट की आई थी पहली लहर

स्टडी में सामने आया कि एंटीबॉडी के टाइट्रेस जो कोरोना वायरस को मारते हैं, वो B1 वैरिएंट की तुलना में कम थे। बता दें कि B1 की वजह से भारत में कोरोना कि पहली लहर आई थी। B1 की तुलना में डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ एंटीबॉडी टाइट्रेस वैक्सीन की एक डोज लेने वालों में 78% कम, दो डोज लेने वालों में 69% कम थे। इसके अलावा संक्रमित हो चुके और एक डोज लेने वालों में 66% कम थे।

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