January 28, 2022 10:34 am
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टमाटर की कीमतों में आई गिरावट, नासिक के किसानों ने सड़क पर फेंकी उपज

टमाटर की कीमतों में आई गिरावट, नासिक के किसानों ने सड़क पर फेंकी उपज

नासिक और औरंगाबाद में किसानों ने थोक बाजार में कीमतें 2-3 रुपये प्रति किलोग्राम तक गिरने के बाद टमाटर को सड़क पर फेंक दिया। हालांकि, खुदरा बाजार में टमाटर 25-30 रूपए प्रति किलो के हिसाब से बिक रहे थे। औरंगाबाद जिले के गंगापुर तालुका के किसान टमाटर से लदी ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर अहले सुबह लासूर स्टेशन पहुंचे और उसे सड़क के किनारे फेंक दिया।

“किसान टमाटर लेकर दो-तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ आए और लासूर स्टेशन पर आंदोलन किया। उन्होंने टमाटर के उपज को राजमार्ग के किनारे फेंक दिया। इस दौरान वाहनों की आवाजाही भी निर्बाध रही,” शिलगांव थाने के प्रभारी सहायक पुलिस निरीक्षक रवींद्र खांडेकर ने यह जानकारी दी। किसानों ने थोक विक्रेताओं से बेहतर खरीद दर की मांग की है। “थोक विक्रेता टमाटर को 100 रूपए प्रति टोकरी पर ला रहे हैं, जो लगभग 25 किलो है। यह एक बहुत बड़ा नुकसान है। अगर दर 300 रूपए प्रति टोकरी के करीब है, तो यह हमारे लिए कोई लाभ और कोई नुकसान नहीं है,” गंगापुर के धमोरी खुर्द गांव के उप सरपंच रवींद्र चव्हाण ने कहा।

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उन्होंने बताया कि राज्य सरकार को इस मामले पर गौर करना चाहिए और अगर दरों में और कमी आती है तो सरकार को नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। मालूम हो कि पिछले साल इसी महीने टमाटर की कीमत 2,037.77 रुपये प्रति क्विंटल थी। और, इस साल जुलाई में, टमाटर के उपज को 1,044.67 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बेचा जा रहा था।

नासिक जिले में, जो भारत के सबसे बड़े टमाटर बाजार (लासलगाँव और पिंपलगाँव) का केंद्र है, अगस्त में 664.19 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से सब्जी बेच रहे हैं। एपीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, नासिक जिले में थोक मूल्य पिछले एक साल से अपरिवर्तित है।

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