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इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ 6 साल के बच्चे का नाम,रंग लाई लॉकडाउन की मेहनत

इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ 6 साल के बच्चे का नाम,रंग लाई लॉकडाउन की मेहनत

जालौन: इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाकर जालौन के ऋषभ ने सबको प्रभावित किया है। जालौन का रहने वाला यह लड़का महज 6 साल का है।

गणित की है बेहतर समझ

ऋषभ महेश्वरी ने अपनी काबिलियत से सबको प्रभावित किया है। उन्होंने गणित की 1 से लेकर 100 तक की संख्या का स्क्वायर  मुंह जबानी याद कर लिया। इसे एक बार में पूरा 4 मिनट 10 सेकंड के अंदर सुना सकते हैं। इसी काबिलियत के चलते ऋषभ का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।

लॉकडाउन का किया बेहतर सदुपयोग

ऋषभ के परिवार वाले बताते हैं कि उनके बच्चे ने लॉकडाउन का बेहतर इस्तेमाल किया। गणित की छोटी छोटी बारीकियों को समझते हुए अपना नाम रोशन किया है। इसमें उसकी बड़ी बहन ने खूब सहयोग किया।

ऋषभ के पिता एक ज्वेलरी शॉप चलाते हैं, मां घर की देखभाल करती हैं। ऋषभ की उम्र अभी 6 साल है, बड़े होकर उसका सपना आईपीएस ऑफिसर बनने का है। इस काबिलियत और सफलता का पूरा क्रेडिट वह अपने माता-पिता को देते हैं।

ऑनलाइन एग्जाम में पाई सफलता

इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के ऑनलाइन एग्जाम में ऋषभ ने बेहतर प्रदर्शन किया। 1 से लेकर 100 तक का स्क्वायर ही नहीं, गणित की और कई बारीकियां उसे बेहतर तरीके से समझ आती हैं। उसके पिता बताते हैं कि गणित के साथ-साथ आने विषय में भी ऋषभ काफी रुचि लेता है, लेकिन गणित उसका प्रिय सब्जेक्ट है।

2006 में शुरू हुआ इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स

देश भर की कई अनोखी और अहम जानकारियों को समेटने का काम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड करता है। उसकी शुरुआत 2006 में की गई थी। जैसे विश्व स्तर पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड है। वैसे ही भारतीय लोगों के लिए यह प्रयास किया गया है। जानकारी ही नहीं प्रतिभा को बढ़ावा देना भी इसका मुख्य उद्देश्य है।

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