मुंबई मानसी दीक्षित हत्या: ओला ड्राइवर दी मदद से 4 घंटे में सुलझी गुत्थी

नई दिल्ली। 20 साल की मॉडल मानसी दीक्षित की हत्या की गुत्थी बांगुर नगर पुलिस ने चार घंटे में सुलझा ली। इस केस के डिटेक्शन में पुलिस को एक ओला ड्राइवर की मदद मिली, जिसकी गाड़ी में आरोपी मुजम्मिल सईद सूटकेस लेकर जा रहा था। आरोपी ने अपने घर में ही उसकी हत्या की थी। मुजम्मिल को बीते सोमवार को मेट्रोपोलिटन कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उसे 22 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड में भेज दिया है।

मानसी मॉडलिंग के साथ-साथ अंधेरी में एक इवेंट और फाइनैंस कंपनी भी चलाती थीं

बता दें कि पुलिस का कहना है कि मानसी मॉडलिंग करने के साथ-साथ अंधेरी में एक इवेंट और फाइनैंस कंपनी भी चलाती थीं और शास्त्री नगर में रहती थीं। वह मूल रूप से राजस्थान के कोटा शहर की रहने वाली थीं और छह महीने पहले ही मुंबई आई थीं। आरोपी मुजम्मिल शेख का परिवार मूल रूप से हैदराबाद से ताल्लुक रखता है लेकिन परिवार का एक घर जोगेश्वरी इलाके में है। वह पढ़ाई कर रहा है और अभी उसका ग्रेजुएशन पूरा नहीं हुआ है।

पुलिस का कहना है कि दोनों लंबे समय से दोस्त थे

वहीं पुलिस का कहना है कि दोनों लंबे समय से दोस्त थे। सोमवार को दोनों के बीच किसी बात पर झगड़ा हुआ। इसी में गुस्से में उसने लकड़ी के स्टूल को उसके सिर पर दे मारा। इसी में मानसी की मौत हो गई, उसके बाद मुजम्मिल ने मानसी की लाश को घर में रखे एक सूटकेस में रखा फिर ओला बुक की और ड्राइवर से एयरपोर्ट चलने को कहा। बाद में उसने बीच रास्ते में ड्राइवर से मलाड में गाड़ी रोकने को कहा। वह वहां उतरा, एक झाड़ी के पास पहुंचा और सूटकेस को वहीं फेंक दिया। बाद में उसने ऑटो पकड़ा और फिर उसमें बैठकर कहीं चला गया। ओला ड्राइवर को कुछ शक हुआ, उसने फौरन पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने वह फोन नंबर मांगा, जिससे ओला बुक की गई थी। मोबाइल कंपनी से मंगाई गई डीटेल में यह नंबर मुजम्मिल सईद का निकला। उसका लोकेशन निकाला गया और चार घंटे में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।