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MSME 2021: कोविड के बाद सुधर रहे हालात, प्रोडक्शन बढ़ा और बाजार से भी आ रही डिमांड

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LUCKNOW: MSME 2021 आज पूरे विश्व में मनाया जा रहा है। कोरोना की पहली वेव से लेकर दूसरी वेव के दौरान उद्योग इंडस्ट्री को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। आज एमएसएमई के मौके पर हमने कुछ बड़े और प्रमुख उद्मियों से बात की, उनसे यह जानने की कोशिश की सरकार ने उद्मियों के लिए क्या योजना शुरू की, और सरकार की यह योजनाएं धरातल पर उतरी की नहीं। हमारी इस विशेष श्रखला में किसी ने सरकार की योजना को सराहा तो वहीं नौकरशाही को जमकर कोसा।

एस कुमार ने सरकार की सराहना करते हुए बताई कई बड़ी समस्याएं

S KUMAR MSME 2021: कोविड के बाद सुधर रहे हालात, प्रोडक्शन बढ़ा और बाजार से भी आ रही डिमांडMSME 2021 के मौके पर सबसे पहले हमने बात की एस कुमार से एस कुमार ने हमें बताया की हमें ग्राउड लेवल पर सरकारी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। बैक से लेकर भी काफी समस्या आ रही है। एनओसी भी टाइम पर नहीं मिल रही है। अभी कोविड के बाद प्रोडक्शन बड़ा है। बाजार से काफी डिमांड आने लगी है। रोजमर्रा की छोटी चीजे और बाजार भी अब खुल रहा है। तो ऐसे में उम्मीद है कि हमारे लिए अच्छा रहेगा। अब इंडस्ट्री को बढ़ाने में ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी।

बैक और बिजली की प्रमुख समस्या

एस कुमार ने आगे बात करते हुए कहा कि बैक की तरफ से हमें कोई राहत नहीं दी गई है। जिस इंडस्ट्री को लॉकडाउन में नुकसान हुआ है उसे भी ब्याज समय पर भरना पड़ रहा है। जब की इन इंडस्ट्रियों को कम से कम 4 से 6 महीने की छूट देने की आवश्यकता है। सरकार भी अपनी सारी सर्विस टाइम पर ले रही है जो कि इंडस्ट्री के लिए काफी दुविधा पूर्ण है। बिजली के बिल पर भी कोई रियायत नहीं दी गई है।

पिपुल भटनागर ने कहा बैक की समस्या सबसे बड़ी है

इसी कड़ी में आगे हमने बात विपुल भटनागर से बात की, विपुल भटनागर ने उद्मियों के बारे में बात करते हुए कहा कोरोना काल में उद्योग लगाने वाले लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ा। कुछ इंडस्ट्री का काम बंद था जैसे जो शादी और रोज मर्रा की चीजें बनाती थी। सरकार ने लॉकडाउन कर यह इंडस्ट्री को बंद करवाया। इनमें काम करने वाले मजदूर भी वापस लौट गए। दोबारा काम शुरू होने के कुछ समय के बाद फिर लॉकडाउन लग गया। अब जहां दूसरी बार लॉकडाउन खत्म किया गया है। तो हमें उम्मीद है इस बार हमारे लिए कुछ बेहतर हो सकेंगा।

बैक ने किश्ते मांगनी शुरू कर दी

विपुल भटनादगर ने आगे बताया कि कोविड में से पहले जिन लोगों ने उद्योग शुरू किया था। बाद में लॉकडाउन लगने के बाद उनका उद्योग चला नहीं। उन लोगों से बैक ने अपनी किश्ते मांगनी शुरू कर दी है। बैक को ऐसे उद्मियों को थोड़ी राहत देनी चाहिए। किश्तों में कम से कम 6 से 8 महीने का और समय देना चाहिए।

कोविड के बाद से मंहगाई बढ़ी है। पेमेंट मार्केट से वापस नहीं आया है। तो उद्यमी बैक की किश्ते कहा से भरेगा। कोविड को ध्यान में रखकर बैक को किश्तों में बदलाव करना चाहिए। अगर बैक ऐसा नहीं करते है तो इंडस्ट्री के लिए आगे बढ़ना काफी मुश्किल होगा।

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