November 29, 2022 5:40 pm
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सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने वाली पहली महिला को सास ने पीट-पीट कर पहुंचाया अस्पताल

सबरीमाला मंदिर.. सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने वाली पहली महिला को सास ने पीट-पीट कर पहुंचाया अस्पताल

केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दे दी है। लेकिन बावजूद महिलाओं के लिए सबरीमाला मंदिर में दर्शन करना नशीब नही हो रहा है। हालांकि जबरन किसी तरह से दो महिलाओं ने मंदिर में प्रवेश किया था। जिनमें से एक पर उसकी सास ने हमला करते हुए जमकर पीटा है। दरअसल कनकदुर्गा नाम की महिला ने सबरीमाला मंदिर के दर्शन किए थे इसके साथ ही एक और महिला ने मंदिर में प्रवेश किया था।

सबरीमाला मंदिर.. सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने वाली पहली महिला को सास ने पीट-पीट कर पहुंचाया अस्पताल
सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने वाली पहली महिला को सास ने पीट-पीट कर पहुंचाया अस्पताल

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कनकदुर्गा की सास के हमले से दुर्गा के सिर पर चोट आ गई है। जिसके चलते उन्हें अस्तपाल में भर्ती कराया गया है। कनकदुर्गा पर यह हमला उनके अपने ही घर पर उनकी सास ने किया। जानकारी के मुताबिक मंदिर में प्रवेश करने की वजह से उनकी सास नाराज थीं। कनकदुर्गा ने इस मामले में पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। गौरतलब है कि 2 जनवरी को कनकदुर्गा और बिंदू नाम की दो महिलाओं ने सबरीमाला मंदिर में प्रवेश कर दर्शन किए थे। इसके बाद पूरे राज्य में जमकर हंगामा हुआ था और मंदिर को शुद्धीकरण के लिए कुछ देर के लिए बंद किया गया था।

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मंदिर में दर्शन करने के बाद से कनकदुर्गा अलग-अलग जगहों पर रह रही थीं। उन्हें डर था कि जो लोग उनका विरोध कर रहे हैं वह उन पर हमला कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक कनकदुर्गा बचते-बचाते हुए मंगलवार सुबह ही अपने घर पहुंची थीं। जहां उनकी सास ने उन पर हमला किया।

कनकदुर्गा को सिर पर चोट आई है जिसके चलते वह अस्पताल में भर्ती हैं। हालांकि चोट ज्यादा गंभीर नहीं है। यह भी कहा जा रहा है कि कनकदुर्गा पर जिस वक्त हमला हुआ, उस वक्त उनके घर के बाहर 8 पुलिसकर्मी मौजूद थे लेकिन चूंकि हमला घर के अंदर हुआ इसलिए कोई पुलिस जवान कनकदुर्गा को इससे बचा नहीं सके।

आपको बता दें कि सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 उम्र की महिलाओं का प्रवेश प्रतिबंधित था जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसला सुनाते हुए हटा दिया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं मिली थी। इसी महीने नए वर्ष की शुरूआत में दो महिलाओं ने मंदिर में प्रवेश कर भगवान अयप्पा के दर्शन किए। बाद में कई दूसरी महिलाओं ने भी मंदिर में प्रवेश का दावा किया है। कनकदुर्गा राज्य नागरिक आपूर्ति विभाग में कार्यरत हैं।

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