January 25, 2022 5:17 pm
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जल संसाधन मंत्रालयः ‘जल बचाओ, वीडियो बनाओ, पुरस्कार पाओ’ के पहले पखवाड़े के विजेताओं के नाम घोषित किए गए

nitin gadkari 1 जल संसाधन मंत्रालयः 'जल बचाओ, वीडियो बनाओ, पुरस्कार पाओ' के पहले पखवाड़े के विजेताओं के नाम घोषित किए गए

जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय ने की पहल (जल बचाओ, वीडियो बनाओ, पुरस्कार पाओ)

के पहले पखवाड़े के विजेताओं के नाम घोषित किए गए हैं। यह प्रतियोगिता 10 जुलाई-2018 को शुरू हुई थी।

10 जुलाई से 24 जुलाई- 2018 की अवधि के लिए वाराणसी के श्रेष्ठ साहू ने पहला,

भोपाल के सतीश मेवाड़ाने दूसरा और बोकारो के गोपाल कुमार प्रजापति ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

बता दें कि विजेताओं को श्रेणी के अनुसार 25 हजार, 15 हजार और 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।

 

nitin gadkari 1 जल संसाधन मंत्रालयः 'जल बचाओ, वीडियो बनाओ, पुरस्कार पाओ' के पहले पखवाड़े के विजेताओं के नाम घोषित किए गए
जल संसाधन मंत्रालयः ‘जल बचाओ, वीडियो बनाओ,

 

ग्रामीण विरासत के संरक्षण प्रयासों से ग्रामीण भारत में पर्यटन एवं विकास को बढ़ावा मिलेगा

“जल बचाओ, वीडियो बनाओ, पुरस्कार पाओ” की शुरूआत मंत्रालय ने भारत सरकार के माय-गव पोर्टल के सहयोग से किया था। इसका उद्देश्य लोगों में जल संरक्षण के बारे में जागरूकता पैदा करना है। प्रतियोगिता में कोई भी भारतीय नागरिक हिस्सा ले सकता है। उसे इस विषय पर एक मौलिक वीडियो बनाना जरूरी है। इसके बाद उन्हें यू-ट्यूब पर वीडियो अपलोड करना होगा और उसका लिंक माय-गव के www.mygov.in.  के वीडियो लिंक सेक्शन पर देना होगा। इस वर्ष 4 नवंबर तक हर 15 दिन में तीन विजेता चुने जाएंगे।

चयनित वीडियो की जांच के बाद विभिन्न मानदंडों के आधार पर सर्वश्रेष्ठ तीन वीडियो चुने गये

बता दें कि पहले पखवाड़े में प्रतियोगिता संबंधी प्रतिक्रिया बहुत अच्छी थी,

और ये देखकर बहुत प्रोत्साहन मिलता है

कि पहले, दूसरे और तीसरे स्थान के विजेता देश के विभिन्न भागों से आते हैं।

माय-गव को कुल 431 प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं।

जिनमें से 38 वीडियो को चुना गया था। चयनित वीडियो की जांच के बाद विभिन्न मानदंडों के आधार पर सर्वश्रेष्ठ तीन वीडियो चुने गये।

रचनात्मकता, मौलिकता, तकनीकी श्रेष्ठता, वीडियो की गुणवत्ता और उनका श्रव्य प्रभाव इत्यादि के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया

गौरतलब है कि रचनात्मकता, मौलिकता, तकनीकी श्रेष्ठता, वीडियो की गुणवत्ता और उनका श्रव्य प्रभाव इत्यादि के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया।जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय भारतवासियों से अपील करता है कि वे जल संरक्षण, आदर्श जल उपयोग, जल संसाधन विकास और प्रबंधन के विषय में किये जाने वाले प्रयासों, महत्वपूर्ण योगदानों और उत्तम व्यवहारों पर वीडियो बनाकर अपलोड करें।

महेश कुमार यदुवंशी 

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