September 17, 2021 5:13 pm
featured यूपी

मेरठः बाप नंबरी बेटा दस नंबरी, फर्जी डॉक्टर की दांस्ता सुनकर पुलिस के भी उड़े होश

मेरठः बाप नंबरी बेटा दस नंबरी, फर्जी डॉक्टर की दांस्ता सुनकर पुलिस के भी उड़े होश

मेरठः आपने ‘बाप नंबरी बेटा दस नंबरी’ फिल्म तो देखी ही होगी। ऐसा ही एक मामला मेरठ जिले से सामने आया है, जहां शुभकामना अस्पताल से पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है जिसने जालसाजी का ककहरा अपने पिता से सीखा है।

दिल्ली से शुरू हुआ फर्जीवाड़े का खेल

मनीष कौल उर्फ विक्रांत भगत मूल रूप से अंबाला का रहने वाला है। साल 2010 में मनीष अपने पिता बृजभूषण कौल के साथ नाम बदलकर दिल्ली में आकर रहने लगा। यहां उसके पिता ने अपना नाम राजेंद्र जे पाल रखा लिया और बेटे का नाम मनीष से बदलकर वरुण रखा दिया। दिल्ली में रहते हुए इन्होंने फर्जी वोटर आइडी, पैन कार्ड और आधार कार्ड बनवा लिए।

बाप-बेटे ने मिलकर खोले अस्पताल

बृजभूषण ने अपने बेटे के लिए पुणे विश्वविद्यालय से एमबीबीएस और मुंबई विश्वविद्यालय की एमडी की फर्जी डिग्री बनवाई। जिसके बाद दोनों ने देहरादून, शामली, सोनीपत, कैथल, नरवाना, पानीपत सहित कई जगहों पर डक्टर बनकर प्रैक्टिस की। कुछ समय बाद दोनों राजस्थान में ब्रह्मकुमारी अस्पताल माउंट आबू में नौकरी की तलाश में गए। वहां नौकरी नहीं मिली तो साल 2018 में बृजभूषण सुमेरपुर स्थित भगवान महावीर अस्पताल में एमडी डाक्टर बनकर प्रैक्टिस करने लगा। 2019 में उसने समेरपुर में डीआर मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल खोल दिया। फालना और सादड़ी में भी अस्पताल शुरू कर दिए।

शादी कर पत्नी से वसूले 70 लाख

बाप-बेटे की करतूतों की फेहरिस्त लंबी हुई तो बृजभूषण को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विभिन्न जनपदों में दर्ज मुकदमों में दोनों को आरोपित बनाया गया। मनीष कौल पर भी मुंबई में फर्जी डिग्री बनवाने का मुकदमा दर्ज हो गया। इससे पहले 2015 में दिल्ली में रहते हुए मनीष की मोतीनगर की डेंटिस्ट से एक मेटिमोनियल साइट के जरिए दोस्ती हो गई। मनीष ने डेंटिस्ट से शादी का प्रस्ताव रखा। दोनों ने शादी की। इनके एक बच्चा भी हुआ। मनीष ने पत्नी से ही धोखाधड़ी कर 70 लाख रुपये वसूल लिए। असलियत सामने आने पर डेंटिस्ट ने मनीष के खिलाफ मोतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया। इस मुकदमे में भी मनीष का कोर्ट से वारंट जारी हो चुका है।

पत्नी ने पुलिस को दिए सुराग

मनीष कौल मेरठ में आकर डा. विक्रांत बन गया। यहां पर अपना क्लीनिक ही नहीं खोला, बल्कि कई अस्पतालों में मरीजों को देखने भी जाता था। हाल में किसी अस्पताल में हुए कार्यक्रम में शामिल होने की उसकी फोटो इंटरनेट मीडिया पर आई। उसके बाल उड़ चुके थे। उसने अपना हुलिया बदलने के लिए नकली बाल लगा लिए थे। इसके बाद भी फोटो से डेंटिस्ट पत्नी ने उसको पहचान लिया। उसने दिल्ली पुलिस को सूचना दी। दिल्ली पुलिस ने करीब 15 दिन तलाश करने के बाद उसे शुक्रवार को शुभकामना अस्पताल से पकड़ लिया।

पत्नी की हत्या के फिराक में था मनीष

दिल्ली पुलिस ने विक्रांत के शास्त्रीनगर सेक्टर 13 स्थित घर की तलाशी ली। वहां से कुछ फर्जी कागजात मिले है। फिलहाल मनीष कौल उर्फ डाक्टर विक्रांत अपनी महिला डाक्टर पत्नी की हत्या कराने की फिराक में था। दिल्ली पुलिस शुभकामना अस्पताल से एक मरीज की फाइल भी ले गई है, जिसका इलाज आरोपित कर रहा था। एसीपी गिरीश कौशिक का कहना है कि फिलहाल दिल्ली से दो मुकदमों में मनीष कौल वांछित था। वहीं करीब तीन साल पहले मनीष पर पत्नी ने दिल्ली कीर्ति नगर थाने में पिस्टल से हमले का मुकदमा दर्ज कराया था।

सीएमओ कार्यालय में भी करा लिया रजिस्ट्रेशन

फर्जी फिजिशियन बने डा. विक्रांत भगत ने मेरठ में अपना जाल बिछा लिया था। बड़े-बड़े अस्पतालों में भी उसने पैठ बनाने की कोशिश की। यहां तक कि सीएमओ कार्यालय में अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया। शुभकामना अस्पताल के मालिक अख्तर कमाल ने बताया कि विक्रांत ने उन्हें बताया था कि उसके पिता सेना में कर्नल हैं। वे मेरठ में बड़ा अस्पताल खोलने की तैयारी कर रहे हैं।

जगह-जगह बदलता रहा नाम

दिल्ली में नाम रखा था वरुण कौल, अम्बाला में मनीष कौल, मेरठ में डॉक्टर विक्रांत, राजस्थान में आशुतोष मरवा, गोवा में विशेष धीमन मुंबई में संजीव चड्डा नाम से जाना जाता है। दिल्ली पुलिस मनीष कौल की कुंडली खंगाल रही है।

Related posts

जानें साल 2021 में कब-कब है विवाह का शुभ मुहूर्त, इन तारीखों पर करेंगे शादी तो नहीं आएगा कोई विघ्न !

Hemant Jaiman

युवा मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बनाये गये विजय यादव

Shailendra Singh

नीरव मोदीकांडः सीबीआई ने गोलकनाथ और मनोज कराट को किया गिरफ्तार

Rani Naqvi