Mayawati 6 ब्राह्मण गठजोड़ के लिए मायावती का मास्टर स्ट्रोक

लखनऊ। 2022 के चुनावी जंग को जीतने के लिए बसपा ने अब अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए हैं। मायावती ने 2007 में जिस सोशल इंजीनियरिंग की बदौलत सत्ता हासिल की थी, अब उसी प्लान के तहत 2022 की नैया भी पार करने की जुगत लगी हुई हैं। इसको लेकर मायावती ने ऐलान भी कर दिया है।

बसपा 23 जुलाई से ब्राह्मण सम्मेलन करेगी। इसकी शुरूआत अयोध्या से होगी। ब्राह्मणों को बसपा के साथ लाने की जिम्मेदारी भी महासचिव और राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा को सौंपी गई है। इसकी तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। इस बीच मायावती ने एक बड़ा गेम खेला है। जिससे ब्राह्मणों की झुकाव बसपा की ओर हो सकता है।

खुशी दुबे का केस लड़ेंगे सतीश चंद्र मिश्रा

कानपुर वाले विकास दुबे की कहानी से हर कोई परिचित है। बिकरू कांड के नाम से प्रसिद्ध यह घटना यूपी के इतिहास में दर्ज हो चुकी है। इसी केस से जुड़ी खुशी दुबे पिछले एक साल से जेल में हैं। अब सतीश चंद्र मिश्रा इसका केस लड़ेंगे।

आपको बता दें कि खुशी दुबे, विकास दुबे के राइट हैंड माने जाने वाले अमर दुबे की पत्नी है। जिसकी शादी बिकरू कांड से करीब नौ दिन पहले ही हुई थी। इस कांड के बाद एनकाउंटर में अमर दुबे भी मारा गया था।

उसके बाद से उसकी नई नवेली पत्नी को भी जेल में डाल दिया गया। इसको लेकर ब्राह्मण समुदाय में खासा रोष है। उनका कहना है कि खुशी दुबे ही इसमें क्या गलती है। उसका दोष सिर्फ इतना है कि उसने अमर दुबे से शादी की। खुशी दुबे का मामला अक्सर सुर्खियों में रहता है।

ऐसे में बसपा सांसद और मायावती के सलाहकार सतीश चंद्र मिश्रा इसका केस लड़ते हैं तो जाहिर सी बात है कि इसका बड़ा असर पड़ना तय है। विकास दुबे भी बसपा में रह चुका है। मायावती के शासन के कसीदे गढ़ते उसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इतना ही नहीं विकास दुबे की पत्नी रिचा के साथ कई ब्राह्मण संगठन खड़े भी हैं। ऐसे में बसपा की यह निर्णय उसके लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

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