जिलाधिकारी के आदेश के बाद 15 घंटे मे मुक्त हुये ट्रक मे बंद मवेशी, चार मरे

हमीरपुर। यूपी के हमीरपुर जिले के थाना सुमेरपुर में हाइवे पर चन्दपुरवा गेट के पास रिटायर्ड पोस्टमैन को कुचलकर भाग रहे ट्रक मे भूसे की तरह लदे जानवरों को जिलाधिकारी की पहल पर पुलिस ने 15 घंटे बाद रिहा कर पशु व्यापारियों से सांठगाठ कर पशु व्यापारियों के हवाले कर दिया लेकिन तब तक चार पशुओं की मौत हो चुकी थी फिर भी सुमेरपुर पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्यवाही नही की, जिस कारण हमीरपुर मे सुमेरपुर पुलिस की कार्यप्रणाली चर्चा का विषय बनी हुई है।

जबलपुर से पशुओं को लादकर ट्रक संख्या एचआर 55 क्यू 3734 कानपुर की ओर जाते समय हाइवे पर चंदपुरवा गेट के पास रिटायर्ड पोस्टमैन सुखलाल को कुचल दिया था जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गयी ,ट्रक को भागते समय पकडकर फैक्ट्री एरिया पुलिस चौकी मे खडा करवाया गया था ,इस ट्रक मे तिरपाल से चौतरफा ढककर तीन दर्जन पशु भूसे की तरह भरे थे ,जिन्हे कस्बे के कुछ समाज सेवियों व मीडिया के द्वारा जिलाधिकारी के संज्ञान मे लाया गया, जिनके आदेश पर फटकार के बाद सुमेरपुर थानाध्यक्ष आर के सिंह के टाल मटोल रवैये व व्यापारियों से सांठगांठ की सूचना पाकर जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने नायब तहसीलदार को मौके पर भेजा ,लेकिन तब तक ट्रक मे बंद चार पशुओं की दर्दनाक मौत हो गयी थी ।

इधर आधा दर्जन पशु मरने की कगार पर थे,इन सबके बावजूद भी पुलिस ने पशु व्यापारियों से सांठगांठ कर पशु क्रुरता का मुकदमा पंजीकृत न कर के पुनरूउन्हे ही सौंप दिया ,पशु व्यापारी घायल पशुओं को दूसरे ट्रक मे लादकर रात मे ही कानपुर की तरफ भाग निकले,सुमेरपुर पुलिस की यह कार्यप्रणाली हमीरपुर जनपद मे चर्चा का विषय बना हुआ है। नगर व्यापार मंडल के लोगो व समाजसेवियों ने आरोप लगाया है कि पशु व्यापारियों से लेनदेन कर पुलिस ने घायल पशुओं को भी उन्हे ही सौंप दिया है जिसे वे रात मे दूसरे ट्रक से लेकर भाग गये हैं,पुलिस की इस कार्यप्रणाली से लोगों मे आक्रोश पनप गया है।

 -सन्तोष चक्रवर्ती