मुस्लिम वाले बयान पर मेनका गांधी को मिला नोटिश, भाजपा की आईटी सेल पर ही खफा हो गईं मैडम

मुस्लिम वाले बयान पर मेनका गांधी को मिला नोटिश, भाजपा की आईटी सेल पर ही खफा हो गईं मैडम

एजेंसी, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से सांसद और सुल्तानपुर लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी मेनका गांधी द्वारा मुसलमानों को लेकर दिए गए बयान से बवाल मचा हुआ है। चुनाव आयोग की तरफ से उन्हें ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है। अपने कथित विवादित बयान के बाद मेनका अपने ही पार्टी के आईटी सेल पर भड़क गईं। एनबीटी के अनुसार, उन्होंने कहा, मेरी जुबान घरेलू है। मैं कभी लिखा हुआ नहीं पढ़ती हूं। जो बोलती हूं, दिल से बोलती हूं। मैंने मुसलमानों के बारे में जो बोला और जो टीवी व अन्य जगहों पर दिखाया गया, वह पूरी तरह अलग था। पार्टी के आईटी सेल को सही भाषण को सामने लाना चाहिए था, लेकिन न हमारा भाषण लिाया और न हीं कुछ किया। मुझे ऐसा लगता है कि मुझे ऐसे आईटी सेल की जरूरत है भी या नहीं?
दरअसल, मेनका ने मुस्लिम बहुल क्षेत्र तूराबखानी में बीते गुरूवार को आयोजित एक चुनावी सभा में कहा था, मैं लोगों के प्यार और सहयोग से जीत रही हूं लेकिन अगर मेरी यह जीत मुसलमानों के बिना होगी तो मुझे बहुत अच्छा नहीं लगेगा। इतना मैं बता देती हूं कि फिर दिल खट्टा हो जाता है। फिर जब मुसलमान आता है काम के लिये, फिर मै सोचती हूं कि नहीं रहने ही दो क्या फर्क पड़ता है।
आखिर नौकरी भी तो एक सौदेबाजी ही होती है, बात सही है या नहीं? उन्होंने कहा था कि अगर आप पीलीभीत में पूछिये, पीलीभीत के एक भी बंदे को फोन कर पूछो कि मेनका गांधी कैसे थी वहां। अगर आपको लगे कि कहीं भी हमसे कोई गुस्ताखी हुई तो हमको वोट मत देना। अगर आपको लगे कि हम खुले हाथ और दिल के साथ आये हैं कि आपको कल मेरी जरूरत पड़ेगी। यह इलेक्शन तो मैं पार कर चुकी हूं अब आपको मेरी जरूरत पड़ेगी।
हम महात्मा गांधी की संतान नहीं हैं कि हम बस चीजें देते रहें और बदले में हमें कुछ नहीं मिले। मेनका गांधी इस बार सुल्तानपुर से चुनाव लड़ रही हैं जबकि उनके पुत्र वरूण गांधी उनकी सीट पीलीभीत से चुनाव लड़ रहे हैं। इस बीच, जिले के चुनाव अधिकारियों ने मेनका को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दिल्ली में चुनाव आयोग भी मेनका के भाषण का परीक्षण कर रहा है। इस बीच, दिल्ली में कांग्रेस ने मुस्लिम मतदाताओं के संदर्भ में केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के एक बयान को लेकर शुक्रवार को चुनाव आयोग से आग्रह किया कि चुनावी ‘कदाचार’के लिए उनका नामांकन खारिज किया जाए। पार्टी ने यह भी कहा कि ‘धार्मिक भावनाएं’भड़काने के लिए मेनका के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज होनी चाहिए।