bus fare MP: अधिकारी नहीं मान रहे मुख्यमंत्री की बात, महाराष्ट्र से कोरोना ला रही बसें

कोरोना काल में एक ओर जहां मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार तीसरी लहर से बचने की बात कह रही है। तो दूसरी ओर उन्हीं के अधिकारी सरकारी नियमों की अव्हेलना कर रहे हैं।

महाराष्ट्र से कोरोना लेने जा रही MP की बसें!

मध्य प्रदेश में जब सरकारी अधिकारी ही सरकार की आदेशों का पालन नहीं करेंगे तो आम जनता से क्या ही उम्मीद की जाए। एक ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवरात सिंह चौहान लगातार कोरोना की तीसरी लहर से बचने की बात कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर उनका परिवहन और पुलिस विभाग कोरोना को प्रदेश लाने की तैयारी कर रहा है। जी हां। महाराष्ट्र में कोरोना के डेल्टा वेरिएंट के कई केस सामने आए हैं और यहां कोरोना के भी सबसे अधिक केस मिल रहे हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के सरकारी मुलाजिमों को शायद इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं है। यहां पुलिस और परिवहन विभाग दोनों की नाक के नीचे प्रदेश की बसें रूट बदलकर महाराष्ट्र में प्रवेश कर रही हैं। पुलिसवालों के आगे बसें नेशनल हाईवे से निकल जाती हैं और वे सिर्फ ऊपरी पूछताछ करते रह जाते हैं। जबकि, बसों के आवागमन पर 31 जुलाई तक रोक लगाई गई है।

मुख्यमंत्री का आदेश भी नहीं मान रहे अधिकारी

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आदेशों का पालन ना तो परिवहन अधिकारी कर रहे हैं और न ही पुलिस अधिकारी। महाराष्ट्र में बसों के जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है लेकिन उसके बाद भी बसों को महाराष्ट्र में प्रवेश करवाया जा रहा है। पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारी जान बूजकर अंजान बने हुए हैं। पुलिस की नजरों के सामने से बसें निकल रही हैं लेकिन पुलिस कुछ नहीं करती। प्रतिबंध के बावजूद बस ऑपरेटरों ने मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे 3(NH 3) को छोड़कर जिले के ग्रामीण इलाकों से महाराष्ट्र जाने का नया रूट बना लिया है। इन बसों में बड़ी सवारियां बैठकर महाराष्ट्र से आना-जाना कर रही हैं।

6 थानों से गुजरती हैं बसें

बड़वानी जिले की सीमा से गुजरने के दौरान इन बसों को 6 थानों और 1 पुलिस चौकी से गुजरना पड़ता है। लेकिन चौंकाने वाली बात तो ये है कि एक भी थाना क्षेत्र में इन बसों को रोका नहीं जाता। और ये बसें आराम से महाराष्ट्र में सफर कर वापस प्रदेश में लौट आती हैं। कभी-कभी मामूली चालान कर बसों को छोड़ दिया जाता है।

महाराष्ट्र आने-जाने वाली बसों पर 31 जुलाई तक रोक

प्रदेश में महाराष्ट्र से आने जाने वाली बसों के संचालन पर रोक 31 जुलाई तक लगाई गई है। प्रदेश से किसी बस को न तो महाराष्ट्र में जाने की अनुमति है और न ही किसी बस को महाराष्ट्र से आने की अनुमति। कोरोना की स्थिति को देखते हुए परिवहन विभाग की ओर से यह निर्णय लिया गया था। लेकिन उसके बाद भी लापरवाही जारी है।

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