69000 शिक्षक भर्ती: अधिकार मांगते-मांगते थक गई ज़ुबान, आंखें हुईं नम
SCERT पर शिक्षक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

लखनऊ: 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले का आरोप लगाने वाले अभ्यर्थी सोमवार को एक बार फिर SCERT कार्यालय पहुंचे। सैकड़ों की संख्या में मौजूद अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछले ढाई महीने से हम दर-बदर भटक रहे हैं। अधिकारियों और मंत्रियों के चक्कर काटते-काटते हमारे पैरों में छाले पड़ गए हैं। अपना अधिकार मांगते-मांगते हमारी ज़ुबान थक गई है और निराशा से हमारी आंखें नम हो चुकी हैं।

आश्वाशन से थक चुके हैं: अभ्यर्थी

69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण प्रक्रिया में हेर-फेर का आरोप लगा रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि अब हम आश्वासन से थक चुके हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि बीती पांच जुलाई को हमारी मुलाकात बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश चन्द्र द्विवेदी से हुई थी और उन्होंने चार दिन का समय मांगा था। आज 14 दिन बीत जाने के बाद भी मंत्री के यहां से कोई अपडेट हमारे पास नहीं आया। एक बार फिर हमें झूठा आश्वासन दिया गया है। हम इन आश्वासनों से त्रस्त हो चुके हैं।

केशव मौर्य और सतीश द्विवेदी के आवास का हुआ था घेराव

बता दें कि अपनी मांगों को लेकर ये अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी के आवास का घेराव कर चुके हैं। इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया। इसी के बाद उनकी मुलाकात बापू भवन में सतीश चंद्र द्विवेदी से हुई थी जिसके बाद मंत्री ने अभ्यर्थियों से चार दिनों का समय मांगा था।

क्या है कथित आरक्षण घोटाला

SCERT पहुंचे अभ्यर्थियों का आरोप है कि 69000 सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण के साथ छेड़-छाड़ की गई है। इस भर्ती में ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को 27 प्रतिशत के स्थान पर 3.86 प्रतिशत आरक्षण और एससी वर्ग के अभ्यर्थियों 21 प्रतिशत के स्थान पर 16.6 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी अपनी अंतरिम रिपोर्ट में आरक्षण की हेरा-फेरी को माना है। अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग की रिपोर्ट में साफ़ है कि 5,844 सीटों (ओबीसी और एससी वर्ग) को अनारक्षित वर्ग दे दी गई हैं। इस भर्ती में 27 एवं 21 फ़ीसदी आरक्षण नहीं दिया गया है।

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