dust बंगाल व आसाम के चुनाव की वजह से लखनऊ में लग रहा गंदगी का अम्बार!

लखनऊ : गोमती नगर विवेक खंड दो 2/82 निवासी कविता चतुर्वेदी के यहां पिछले तीन से चार दिन से कोई कूड़ा उठाने वाला नहीं आ रहा है। स्थिति यह है कि घर में काफी कूड़ा एकत्र हो गया। आखिर में नहीं रहा गया तो करीब दो किलोमीटर दूर बने डंपिंग जोन के पास जाकर खुद कूड़ा फेंका। इसके लिए कूड़े को एक बोरी में भरा गया और स्कूटी से वहां पहुंचाया गया। कविता चतुर्वेदी की तरह विवक खंड छह निवासी पंकज त्रिपाठी के यहां सड़क पर झाड़ू लगाने वाले नहीं आ रहे है। स्थिति यह है कि यहां नालियों में कूड़ा फ़ैल गया है।

दरअसल यह कहानी महज दो घरों की नहीं है। शहर में हजारों लोगों के यहां से कूड़ा उठना बंद हो गया है। इसकी मुख्य वजह आसाम और बंगाल जैसे राज्यों में होने वाले चुनाव हैं। शहर में कूड़ा उठाने और सफाई करने वालों में एक बड़ी संख्या इन राज्यों से आए मजदूरों की है। नगर निगम के जानकारों के अनुसार सफाई और कूड़े से जुड़े करीब 12 हजार से ज्यादा कर्मचारी हैं। उसमें से 35 से 40 फीसदी करीब 4500 कर्मचारी आसाम और बंगाल से हैं।

ज्यादातर गए वोट डालने

अधिकारियों का कहना है कि यह लोग चुनाव में वोट डालने के लिए अपने गृह जनपद में चले गए है। ऐसे में शहर में कूड़ा उठाने का काम बहुत ज्यादा प्रभावित हो गया है। इसमें सबसे खराब स्थिति ईको ग्रीन की है। उनके पास शहर के करीब पचास फीसदी वॉर्ड में कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी है। उनके ज्यादातर कर्मचारी आसाम और बंगाल के मजदूर हैं।उनके जाने के बाद कूड़ा उठाने का काम कई जगह तो एकदम से ठप हो गया है।

गाड़ी वाले भी नहीं आ रहे

केशव नगर निवासी एसके मिश्रा बताते है कि पिछले एक सप्ताह से गाड़ी वाले भी नहीं आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले आवाज आती थी तो कूड़ा डालने पहुंच जाते थे। अब तो घरों में कूड़ा एकत्र होता है। दो दिन पर उसको पास के डंपिंग जोन ले जाकर डालना पड़ता है। उन्होंने बताया कि इलाके में सभी घरों की यह स्थिति है।

नगर निगम की तरफ से भी कोई सूचना नहीं

कृष्णा नगर आशुतोष नगर निवासी ओपी तिवारी के यहां भी कूड़ा नहीं उठ रहा है। उनका कहना है कि इस मामले में नगर निगम की तरफ से पहले से कोई सूचना नहीं मिली है। सूचना देनी चाहिए थी या फिर कोई विकल्प तैयार रखना चाहिए था। उन्होंने बताया कि पिछले कई दिन से सफाई न होने की वजह से घर के साथ गली में भी गंदगी फैलने लगी है।

आंकड़ों से समझिये स्थिति

सफाई और कूड़ा कर्मचारी – 12 हजार
छूट्टी पर जाने वालों की संख्या – 4500 से 4800
शहर में एक दिन में निकलता कूड़ा – 12 मैट्रिक टन
कूड़ा जो नियमित नहीं उठ रहा है – 300 मैट्रिक टन

लापरवाही बर्दाश्त नहीं

छुट्टी पर जाने या न आने की वजह से कूड़ा उठाने का काम प्रभावित नहीं होना चाहिए। इसको लेकर नगर आयुक्त और ईको ग्रीन से बात की जाएगी। गंदगी को लेकर कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संयुक्ता भाटिया, मेयर, लखनऊ।

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