Lucknow: मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ बने लेफ्टिनेंट योगेंद्र डिमरी, लंबा है अनुभव

लखनऊ: लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ का पदभार संभाल लिया है।

पदभार ग्रहण करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी मध्य कमान में बने युद्ध स्मारक में गए और स्मृतिका पर जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उसके बाद उन्होंने गार्ड ऑफ ऑनर का भी निरीक्षण किया।

खड़कवासला के छात्र रहे हैं डिमरी 

बता दें कि लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी राष्ट्रीय रक्षा एकेडमी खड़कवासला के पूर्व छात्र रहे हैं। और इन्हें भारतीय सैन्य एकेडमी देहरादून में मेरिट में पहले स्थान पर आने पर राष्ट्रपति से सम्मानित किया गया है।

इन्हें इसके लिए स्वर्ण पदक से नवाजा गया है। लेफ्टीनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी को 17 दिसंबर 1983 को कोर ऑफ इंजीनियर्स में कमीशन भी मिला है।

सेना में लंबा है अनुभव

37 साल से अधिक समय तक सेना में अपनी सेवा दे चुके लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी का काफी शानदार इतिहास रहा है। उन्हें न केवल यंग ऑफिसर्स कोर्स में सिल्वर ग्रेनेड और इंजीनियर्स डिग्री कोर्स में गोल्ड मेडल मिला, बल्कि उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित आर्मी पाठ्यक्रमों में भी भाग लिया है।

इसके अलावा लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी के पास विशद परिचालन का भी अनुभव है। ऑपरेशन पराक्रम के दौरान असॉल्ट इंजीनियर रेजिमेंट की कमान संभालने का भी गौरव उन्हें मिला हुआ है।

महत्वपूर्ण पदों पर निभाई है जिम्मेदारी

लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी सैन्य सचिव शाखा में सहायक सैन्य सचिव, कोर के ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ, सैन्य संचालन के उप महानिदेशक, अपर महानिदेशक अनुशासन और सतर्कता महानिदेशक और एक कमांड मुख्यालय में चीफ ऑफ स्टाफ जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। उन्होंने UNTAC, कंबोडिया में मिलिट्री ऑब्जर्वर और डिफेंस सर्विस स्टाफ कॉलेज में डायरेक्टिंग स्टाफ के रूप में भी काम किया है।

 

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