sansad 1 संसद में विपक्षी दलों के नेताओं ने आंसू गैस के गोले छोड़े

नई दिल्ली। दुनियाभर के देशों की संसद में विपक्षी दलों का हंगामा तो आम बात है लेकिन संसद भवन में वोटिंग रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े जाएं तो यह चौंकाने वाली घटना हो जाती है। कोसावो की संसद में बीते बुधवार को कुछ ऐसी ही घटना घटी, जहां एकाएक हॉल के अंदर धुएं के गुबार उठने लगे। यहां की संसद में मोंटेनेगरो के साथ सीमा समझौते के मुद्दे पर वोटिंग होनी थी, तभी विपक्षी सांसदों ने सीट के नीचे से आंसू गैस के गोले निकालकर दूसरी ओर फेंकना शुरू कर दिया।

sansad 1 संसद में विपक्षी दलों के नेताओं ने आंसू गैस के गोले छोड़े

 

बता दें कि गोले छूटते ही पूरा हॉल धुएं से भर उठा। संसद में अफरा-तफरा मच गई और सांसद मुंह ढककर भागते नजर आए। इसे देखते हुए संसद की कार्यवाही को बीच में ही रोकना पड़ा। विपक्ष का आरोप है कि मोंटेनेगरो के साथ हुए सीमा समझौते में कोसोवो को 8200 हेक्टेयर जमीन का नुकसान हो रहा है, इसी वजह से विपक्ष सदन में इस मुद्दे पर वोटिंग नहीं होने दे रहा। हालांकि सरकार समझौते के फैसले के साथ है। कोसोवो और मोंटेनेगरो के बीच 2015 में यूरोपियन यूनियन की शर्तों के तहत समझौता हुआ था।

वहीं संसद में 2015 के इस समझौते को बरकरार रखने के लिए 120 सदस्यों वाली संसद के दो-तिहाई मतों का समर्थन जरूरी है। लेकिन विपक्षी दल ने इसके खिलाफ आंदोलन चला रखा है। कोसोवा में अमेरिकी राजदूत ग्रेग डेलवि ने संसद में हुई इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि राजनीतिक हथकंडे के तौर पर हिंसा का इस्तेमाल कतई नहीं होना चाहिए। कोसोवो में संसद के लिए ऐसा नजारा नया नहीं है। इससे पहले भी यहां की संसद में मिर्च पाउडर फेंका गया था। देश के आंतरिक मुद्दों के लेकर पहले भी विपक्षी दल संसद के भीतर उग्र विरोध जता चुके हैं।

Rani Naqvi
Rani Naqvi is a Journalist and Working with www.bharatkhabar.com, She is dedicated to Digital Media and working for real journalism.

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