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इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर, जानें किन डॉक्यूमेंट्स की पड़ेगी जरुरत

ca0131ae f39f 4f95 9a15 4fbfabde83e4 इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर, जानें किन डॉक्यूमेंट्स की पड़ेगी जरुरत

प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली। कोरोना काल में सब काम पीछे हो गए थे। जिसके चलते सरकार द्वारा कुछ काम करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी थी। इसी बीच इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2020 है। जानकार कहते हैं कि वेतनभोगी तबके से आने वाले लोगों को या बिजनेस करने वालों को बिना भूले हर साल इनकम टैक्स रिटर्न भरना चाहिए।आईडटीआर फाइल करने से सबसे पहले यह जान लेना चाहिए कि किन दस्तावेजों की जरुरत पड़ेगी। विशेषतौर से जो लोग पहली बार आईटीआर फाइल करते हैं वे अक्सर डॉक्यूमेंट्स को लेकर दुविधा में पड़ जाते हैं। हम आपको बता रहे हैं कि आईटीआर फाइल करते वक्त किन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ेगी।

क्या है फॉर्म-16 और फॉर्म-26AS

बता दें कि आप अगर जॉब करते हैं तो इनकम टैक्स रिटर्न फाइल के लिए के लिए Form 16 आपके लिए सबसे अहम डॉक्यूमेंट है। यह डॉक्यूमेंट एम्प्लॉयर को हर उस कर्मचारी को Form 16 जारी करता है जिसकी सैलरी से उसने इनकम टैक्स की कटौती की थी। फॉर्म 16 में कर्मचारी को कंपनी द्वारा दी गई सैलरी और टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) सर्टिफिकेट होता है। फॉर्म-16 के दो भाग होते हैं- पार्ट ए और बी। इसके साथ ही पार्ट ए में किसी एक वित्त वर्ष में एम्प्लॉयर द्वारा की गई इनकम टैक्स डिडक्शन की डिटेल होती है। इसमें कर्मचारी के परमानेंट अकाउनंट नंबर (PAN) से जुड़ी डिटेल भी होती है। एम्प्लॉयर के टैन नंबर से जुड़ी जानकारी भी होती है। फॉर्म बी में कर्मचारी की कुल सैलरी से जुड़ी सभी तरह की जानकारी होती है। इसके आगे जानकारी के लिए बता दें कि आयकर विभाग हर साल एकीकृत टैक्स स्टेटमेंट जेनरेट करता है। इसे ही ‘फॉर्म-26AS’ कहा जाता है। टैक्सपेयर्स PAN का इस्तेमाल करते हुए ‘फॉर्म-26AS’ को हासिल कर सकते हैं। इसमें वेतनभोगी तबके द्वारा दिए गए टीडीएस एवं कारोबारियों द्वारा दिए गए कर का पूरा ब्योरा होता है।

ब्याज से होने वाली आय का प्रमाण पत्र-

वहीं लोगों की सैलरी के अलावा अन्य स्रोतों से भी ब्याज के रूप में कुछ आमदनी होती है। यह आमदनी सेविंग अकाउंट में जमा राशि या बैंक या डाकघर में जमा राशि से हो सकती है। बैंक या पोस्ट ऑफिस सहित अन्य वित्तीय संस्थान अपने ग्राहकों को ब्याज का ब्योरा या बैंक स्टेटमेंट उपलब्ध कराते हैं। आपने अगर बचत योजनाओं से जुड़ी जानकारी अपने एम्प्लॉयर को नहीं दी है तो आप आयकर विभाग को सीधे भी इसकी जानकारी दे सकते हैं। इसमें ये शामिल हो सकता है- एलआईसी के प्रीमियम भुगतान की रसीद, मेडिकल इंश्योरेंस की रसीद, पब्लिक प्रोविडेंट फंड की पासबुक, पांच साल की एफडी की रसीद, म्यूचुअल फंड में निवेश से जुड़ी जानकारी, होम लोन के भुगतान का प्रमाण पत्र या स्टेटमेंट, किसी को दान दिया है तो उसकी रसीद और साथ ही ट्यूशन फीस का भुगतान किया है तो उसकी रसीद।

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